क्या आप भी फ्रिज में बिना ढके खाना रखते हैं? जानें कैसे बढ़ सकता है बिजली बिल और घट सकती है कूलिंग

Fridge Performance Tips: फ्रिज में खाने को बिना ढके रखना आपको नॉर्मल लग सकता है. लेकिन इससे कूलिंग कमजोर पड़ती है, बर्फ जमने लगती है और बिजली की खपत बढ़ सकती है. कुछ आसान आदतें अपनाकर आप अपने फ्रिज की लाइफ और परफॉर्मेंस दोनों बेहतर रख सकते हैं. आइए आपको बताते हैं कैसे.

Fridge Performance Tips: अक्सर घरों में बचा हुआ खाना फ्रिज में रखना एक रोज की आदत है. लेकिन इसे कैसे स्टोर किया जा रहा है, इस पर ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते. कई लोग खाना बिना ढके ही फ्रिज में रख देते हैं, यह सोचकर कि इससे क्या ही फर्क पड़ेगा. जबकि सच तो यह है कि आपकी यही छोटी-सी लापरवाही फ्रिज पर बड़ा असर डालती है. आइए आपको बताते हैं कैसे.

फ्रिज में बिना ढकी हुई चीजें एयरफ्लो पर कैसे असर डालती हैं?

फ्रिज के अंदर सही कूलिंग बनाए रखने के लिए एयरफ्लो का बैलेंस होना बेहद जरूरी होता है. लेकिन जब आप बिना ढके हुए खाने को फ्रिज में रखते हैं, तो उससे नमी हवा में फैलने लगती है. यही एक्स्ट्रा नमी एयरफ्लो को बिगाड़ देती है, जिससे फ्रिज हर कोने को बराबर ठंडा नहीं कर पाता. इतना ही नहीं, हवा में बढ़ी हुई नमी के कारण कंप्रेसर को टेम्परेचर कंट्रोल करने के लिए ज्यादा देर तक काम करना पड़ता है. इसका सीधा असर फ्रिज की परफॉर्मेंस पर पड़ता है और लंबे समय में मशीन पर एक्स्ट्रा लोड भी बढ़ जाता है.

बिना ढका खाना फ्रिज में बर्फ और टेम्परेचर की समस्या कैसे बढ़ाता है?

फ्रिज को बार-बार खोलने से बाहर की नमी अंदर चली जाती है. यही नमी कूलिंग कॉइल्स पर जमकर बर्फ की परत बना सकती है. धीरे-धीरे यह परत फ्रिज की कूलिंग को कमजोर कर देती है. नतीजा यह होता है कि फ्रिज को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, बिजली की खपत बढ़ जाती है और बार-बार डिफ्रॉस्ट करने की नौबत भी आ सकती है.

इतना ही नहीं, नमी भरी हवा फ्रिज के अंदर टेम्परेचर को भी बार-बार बदलने लगता है. यह सूखी हवा की तुलना में जल्दी गर्म होती है, जिससे कूलिंग एक समान नहीं रह पाती. इसका असर आपके खाने पर तो पड़ता ही है, साथ में फ्रिज की परफॉर्मेंस पर भी असर डालता है.

बेहतर फ्रिज परफॉर्मेंस के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • बचे हुए खाने को हमेशा ढक्कन, रैप या एयरटाइट कंटेनर में ही रखें.
  • फ्रिज में जरूरत से ज्यादा सामान न भरें.
  • अगर कुछ गिर जाए, तो उसे तुरंत साफ कर दें, ताकि बदबू न फैले.
  • खाने-पीने की चीजों को एयर वेंट्स के बिल्कुल पास न रखें.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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