किसी को सही लोकेशन तक पहुंचाना हमेशा उतना आसान नहीं होता जितना एक एड्रेस शेयर करना. कई बार एड्रेस अधूरा होता है, गलत एंट्री गेट पर ले जाता है या सही जगह को ठीक से दिखा ही नहीं पाता. जैसे बड़े अपार्टमेंट, यूनिवर्सिटी कैंपस, गेटेड सोसाइटी या बड़े पार्किंग एरिया. यहां लोग अक्सर भटक जाते हैं.यहीं पर काम आता है Google Maps का Plus Code. ये एक तरह का डिजिटल लोकेशन कोड होता है. यह मैप पर आपकी सटीक जगह को पिनपॉइंट (pinpoint) कर देता है. आप बस ये कोड शेयर करें और सामने वाला बिना कन्फ्यूजन सीधे सही जगह पहुंच जाएगा.
किस काम आता है Plus Code?
जब नॉर्मल एड्रेस काम नहीं आते, तब Plus Codes एक सटीक डिजिटल पता देते हैं. ये कन्फ्यूजन से बचाते हैं और लोगों को सही जगह, सही एंट्री या मिलने की जगह तक आसानी से पहुंचने में मदद करते हैं.
Plus Codes का यूज कैसे करें?
- Google Maps खोलें और उस जगह को ढूंढें जिसे आप शेयर करना चाहते हैं.
- उस जगह पर टैप करें या वहां पिन ड्रॉप करें.
- लोकेशन की डिटेल्स खोलें और सबसे नीचे Plus Code देखें.
- उस कोड को कॉपी करें या जिस व्यक्ति को बुलाना है, उसे शेयर करें.
- अगर जगह थोड़ी कन्फ्यूजिंग है, तो साथ में कोई पहचान (लैंडमार्क) भी बता दें.
क्यों है ये इतना काम का?
सोचिए आपको किसी जगह का बिल्कुल सही एंट्रेंस या मिलने की लोकेशन तुरंत मिल जाए वो भी बिना किसी कन्फ्यूजन के. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है. ऊपर से पुराने या अधूरे एड्रेस पर डिपेंड रहने की जरूरत ही नहीं पड़ती. सबसे बढ़िया बात यह है कि आप इसे आसानी से मैसेज या ऐप के जरिए किसी के साथ शेयर कर सकते हैं.
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