गलती से किसी और के नंबर पर कर दिया UPI पेमेंट? इन 5 तरीकों की मदद से आ जाएंगे पैसे वापस

UPI: अक्सर जल्दबाजी में या गलत टाइपिंग के चक्कर में हम किसी गलत UPI ID या नंबर पर पैसा भेज देते हैं. भेजे गए पैसे वापस पाने के कई तरीके हैं. रेसिपिएंट से सीधे बात करने से लेकर RBI में शिकायत दर्ज कराने तक, यहां सारे तरीके बताए हुए हैं, जिनकी मदद से आपको अपने पैसे वापस मिल जाएंगे.

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने हम भारतीयों के भुगतान करने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है. चाहे शॉपिंग करनी हो या बैंक-टू-बैंक ट्रांसफर रोजाना करोड़ों लेनदेन UPI ऐप्स के जरिए होते हैं. हालांकि, UPI के आने से लेन देन की प्रक्रिया आसान तो गई है लेकिन कभी-कभी सिर्फ एक टैप से गलतियां भी हो सकती हैं.

गलती जैसे किसी गलत UPI ID पर पैसा भेज देना. यह चूक हमसे कभी जल्दबाजी या गलत टाइपिंग की वजह से हो जाती है. यह गलती इतनी आम है कि यह किसी से भी हो सकती है. अगर आपसे भी कहीं ये गलती हुई है या भविष्य में हो जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है. अपने पैसे को वापस पाने लिए बस कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. आइए जानते हहैं अगर आप कभी किस दुविधा में फस जाए तो कौन से कदम आपको उठाने चाहिए. 

रेसिपिएंट से सीधे संपर्क करें

यदि संभव हो तो सबसे पहले UPI ID से जुड़े फोन नंबर के जरिए रेसिपिएंट से बात करने का प्रयास करें. उसे परिस्थिति अच्छे से समझाएं और विनम्रता से पैसे वापस कर देने का अनुरोध करें.

UPI ऐप पर तुरंत शिकायत दर्ज करें

लेन-देन की प्रक्रिया हो जाने के बाद शुरुआती के कुछ मिनट अहम होते हैं. जैसे ही आपको गलती का एहसास हो, तुरंत UPI ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करें जिससे आपने ट्रांजैक्शन किया था चाहे वह Google Pay हो, PhonePe, Paytm या BHIM. इन प्लेटफॉर्म में एक बिल्ट-इन सपोर्ट सेक्शन होता है जहां आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

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शिकायत दर्ज करने के लिए सबसे पहले अपने ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में जाएं, गलत ट्रांसफर को चुनें और ‘Raise a Dispute’ या ‘Report an Issue’ विकल्प पर क्लिक करें. इसके बाद पूरी जानकारी दें जैसे गलत UPI ID, ट्रांजैक्शन ID, ट्रांसफर की गई राशि और भुगतान की तारीख ताकि आपकी शिकायत जल्दी से सुलझाई जा सके.

अपने बैंक से संपर्क करें 

UPI हेल्प सेक्शन के साथ-साथ, यूजर को अपनी बैंक की कस्टमर सर्विस से भी संपर्क करना चाहिए. ज्यादा तर बैंकों के पास UPI से जुड़ी शिकायतों के लिए निर्धारित प्रक्रिया होती है. गलत ट्रांजैक्शन की जानकारी बैंक प्रतिनिधि को दें और रिवर्सल की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध करें. कुछ मामलों में बैंक लिखित शिकायत मांग सकते हैं या ब्रांच आने के लिए कह सकते हैं. इसके बाद बैंक आधिकारिक रूप से राशि को ट्रेस कर रिवर्स करने की कोशिश करता है.

NPCI में शिकायत दर्ज करें

अगर ऊपर बताए गए विकल्प काम नहीं करते हैं, तो आप मामले को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) तक पहुंचा सकते हैं, जो UPI सिस्टम का मैनेज करते हैं . इसके लिए आपको NPCI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘विवाद निवारण तंत्र’ (Dispute Redressal Mechanism) के तहत ऑनलाइन शिकायत फॉर्म भरना होगा. इस प्रक्रिया में आपको लेनदेन से जुड़ी जानकारी, अपना संपर्क विवरण और बैंक स्टेटमेंट जैसे प्रमाण देने होंगे.

RBI Ombudsman से संपर्क करें

अगर एक महीने बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आप मामला आगे बढ़ाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) Ombudsman for Digital Transactions में शिकायत दर्ज कर सकते हैं. यह आधिकारिक प्रक्रिया खासतौर पर बड़ी राशि के ट्रांजैक्शन से जुड़े मामलों में समाधान दिलाने में मददगार साबित हो सकती है. शिकायत दर्ज कराने के लिए आप आरबीआई की शिकायत प्रबंधन प्रणाली (Complaint Management System) पोर्टल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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