रोज, हफ्ते या महीने में? कब करना चाहिए अपने फोन को रीस्टार्ट, जानें फायदे

Smartphone Restart Benefits: फोन को समय-समय पर रीस्टार्ट करना एक छोटी आदत है जो बड़ी प्रॉब्लम से बचाती है. इससे फोन फास्ट चलता है, बैटरी बेहतर रहती है और ग्लिच खत्म होते हैं. बड़ी-बड़ी स्मार्टफोन कंपनियां भी कहती हैं कि कई कॉमन इश्यू सिर्फ रीस्टार्ट से ठीक हो जाते हैं.

टेक डिवाइस को ठीक करने का सबसे पहला और असरदार तरीका होता है कि एक बार उसे बंद करके फिर से चालू करके देखें. अगर आपका कंप्यूटर अचानक स्लो हो जाए या Wi-Fi बार-बार कटने लगे, तो एक सिंपल सा रीस्टार्ट कई बार पूरा गेम बदल देता है. यही बात आपके स्मार्टफोन पर भी लागू होती है. चाहे आपके पास iPhone हो या Android, उसे बीच-बीच में रीस्टार्ट करते रहना चाहिए. 

क्या होता है रीस्टार्ट करने से?

असल में, रीस्टार्ट करने से छोटे-मोटे सॉफ्टवेयर ग्लिच (तकनीकी खराबी) खत्म हो जाते हैं और बैकग्राउंड में चल रहे चल रही बेकार की चीजें बंद हो जाती हैं. इससे फोन की परफॉरमेंस और बैटरी लाइफ बेहतर हो जाती है.

ध्यान रखें, ये बात सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद होने वाले ऑटो-रीस्टार्ट की नहीं है. फोन को अपडेट्स के बीच-बीच में खुद से रीस्टार्ट करना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि अपडेट्स तो हर कुछ महीनों में ही आते हैं.

आपको अपने iPhone को कितनी बार रीस्टार्ट करना चाहिए?

अगर आपका iPhone कभी-कभी स्लो हो जाता है या ठीक से काम नहीं करता, तो सबसे आसान तरीका है उसे एक बार रीस्टार्ट करना. Apple खुद भी यही सलाह देता है कि अगर ऐप बंद करके भी दिक्कत ठीक न हो, तो फोन को रीस्टार्ट करके देखें. रीस्टार्ट करने के लिए नए iPhone में साइड और वॉल्यूम बटन दबाने होते हैं, जबकि पुराने मॉडल में सिर्फ पावर बटन से काम चल जाता है. 

वैसे कोई फिक्स नियम नहीं है, लेकिन हफ्ते में एक बार या 10-15 दिन में एक बार iPhone रीस्टार्ट करना अच्छा माना जाता है. इससे फोन स्मूद चलता रहता है और आपको भी पता रहता है कि जरूरत पड़ने पर इसे कैसे रीस्टार्ट करना है.

आपको अपने Android को कितनी बार रीस्टार्ट करना चाहिए?

Android में अलग-अलग कंपनियां अपना कस्टम UI देती हैं, जिससे कभी-कभी बग्स या हैंग जैसी दिक्कतें आ सकती हैं. ऐसे में रीस्टार्ट करना कई छोटी समस्याओं का आसान समाधान बन जाता है.

Google भी मानता है कि Pixel फोन में कई कॉमन इश्यू सिर्फ रीस्टार्ट से ठीक हो जाते हैं, हालांकि उसने इसके लिए कोई फिक्स टाइम तय नहीं किया है. वहीं Samsung तो साफ कहता है कि अपने Galaxy फोन को रेगुलर रीस्टार्ट करना अच्छी आदत है. यह फोन को स्लो या फ्रीज होने से बचाता है.

अगर रोज रीस्टार्ट करना आपको ज्यादा लगे, तो हर कुछ दिनों में या हफ्ते में एक बार भी कर सकते हैं. अच्छी बात ये है कि Samsung फोन में ‘Auto Restart’ का ऑप्शन भी मिलता है. इससे आपका फोन अपने आप तय समय पर रीस्टार्ट हो जाता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Ankit anand

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, गैजेट्स और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को लगातार कवर करते हैं.

अंकित की मजबूत पकड़ स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट और ऐप्स, AI टूल्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक से जुड़े विषयों में है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री अपडेट्स पर रिसर्च-बेस्ड कंटेंट लिखते हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर को केवल लॉन्च या स्पेसिफिकेशन तक सीमित न रखकर, यूजर एक्सपीरियंस, टेक्नोलॉजी और बाजार के ट्रेंड्स के नजरिए से भी समझाया जाए.

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब 1 वर्ष तक काम किया. वहां उन्हें टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज इकोसिस्टम में सटीक, स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने की समझ विकसित करने में मदद की.

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