फ्रिज के दरवाजे की ये रबर स्ट्रिप बचाती है आपका बिजली बिल, जानिए कैसे

Fridge Gasket: फ्रिज के दरवाजे पर लगी नॉर्मल दिखने वाली रबर स्ट्रिप असल में आपके किचन की साइलेंट हीरो है. यही फ्रिज की कूलिंग बनाए रखती है, खाने को लंबे समय तक फ्रेश रखती है और बेवजह बढ़ने वाले बिजली बिल से भी बचाने में मदद करती है. आइए इसके बारे में डिटेल में जानते हैं.

Fridge Gasket: क्या आपने कभी फ्रिज के दरवाजे के चारों तरफ लगी उस मुलायम रबर को गौर से देखा है और सोचा है कि आखिर इसका काम क्या होता है? देखने में छोटी-सी लगने वाली इस रबर को ‘गैस्केट’ कहा जाता है. लेकिन असल में यही आपके फ्रिज की सबसे जरूरी चीजों में से एक होती है. अगर ये न हो, तो फ्रिज सही तरीके से ठंडा नहीं रख पाएगा, बिजली का बिल बढ़ जाएगा और खाना भी जल्दी खराब होने लगेगा. आइए जानते हैं इसके बारे में.

क्या काम करती है गैस्केट?

फ्रिज का पूरा काम अंदर की ठंडी हवा को संभालकर रखना और बाहर की गर्म हवा को अंदर आने से रोकना होता है. यही काम ये रबर गैस्केट करती है. जब आप फ्रिज का दरवाजा बंद करते हैं, तो ये रबर उसे पूरी तरह सील कर देती है, ताकि ठंडी हवा बाहर न निकले और गर्म हवा अंदर न आए. यही वजह है कि आपका फ्रिज बढ़िया से काम करता है.

रबर का इस्तेमाल दूसरे मटेरियल की जगह क्यों किया जाता है?

रबर का इस्तेमाल किसी और मटेरियल की जगह यूं ही नहीं किया जाता. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका लचीलापन और मजबूती हैं. दरवाजे और उसके फ्रेम के बीच जो बेहद छोटे-छोटे गैप बनते हैं, रबर आसानी से उनमें फिट हो जाता है. यही वजह है कि बाहर की हवा, पानी या धूल अंदर आने से रुक जाती है और लीकेज नहीं होता.

सिर्फ फिट होना ही नहीं, रबर इतना मजबूत भी होता है कि दरवाजा बार-बार खुलने और बंद होने के बावजूद अपनी शेप नहीं खोता. अगर इसकी जगह कोई बहुत सख्त मटेरियल इस्तेमाल किया जाए, तो वह ठीक से फिट ही नहीं होगा. वहीं ज्यादा नरम मटेरियल जल्दी घिस सकता है या खराब हो सकता है.

फ्रिज के दरवाजे पर लगी रबर स्ट्रिप बिजली कैसे बचाती है?

फ्रिज के दरवाजे पर लगी रबर स्ट्रिप यानी गास्केट भले ही छोटी चीज लगे, लेकिन बिजली बचाने में इसका बहुत बड़ा रोल होता है. जब यह रबर स्ट्रिप सही तरीके से काम करती है, तो फ्रिज के अंदर की ठंडी हवा बाहर नहीं निकल पाती. इससे फ्रिज को अंदर का टेम्परेचर बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती और बिजली की खपत कम होती है.

लेकिन अगर यही गास्केट कहीं से फट जाए, ढीली हो जाए या ठीक से चिपकना बंद कर दे, तो ठंडी हवा धीरे-धीरे बाहर निकलने लगती है. ऐसे में फ्रिज को बार-बार ज्यादा कूलिंग करनी पड़ती है, जिससे उसका कंप्रेसर ज्यादा देर तक चलता है और बिजली का बिल बढ़ने लगता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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