आपका गूगल अकाउंट कहीं किसी अनजान डिवाइस में लॉगिन तो नहीं? ऐसे करें चेक

आपका गूगल अकाउंट Gmail, Drive और YouTube जैसी सेवाओं की चाबी है. जानें कैसे पता करें कि यह किसी अनजान डिवाइस पर लॉगिन है और तुरंत सुरक्षा बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए.

आज के डिजिटल दौर में हमारा गूगल अकाउंट सिर्फ ईमेल तक सीमित नहीं है. यही अकाउंट हमें Gmail, Google Drive, Photos और YouTube जैसी अहम सर्विसेज तक पहुंच देता है. लेकिन अक्सर हम मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट या स्मार्ट टीवी पर लॉगिन करके भूल जाते हैं कि कहां-कहां अकाउंट खुला रह गया है. यही लापरवाही कभी-कभी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है.

क्यों जरूरी है अकाउंट की सुरक्षा

गूगल अकाउंट में हमारी निजी जानकारियां, दस्तावेज और पेमेंट डिटेल्स तक सुरक्षित रहती हैं. अगर यह अकाउंट किसी अनजान डिवाइस पर लॉगिन हो गया तो कोई भी आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकता है. ईमेल पढ़ने से लेकर डेटा चोरी करने और डॉक्यूमेंट्स में बदलाव करने तक का खतरा रहता है.

डिवाइस की लिस्ट कैसे देखें

गूगल ने इस समस्या का आसान समाधान दिया है. बस अपने ब्राउजर में myaccount.google.com खोलें और लॉगिनकरें. यहां Security सेक्शन में जाकर Your Devices पर क्लिक करें. आपको उन सभी डिवाइसेज की लिस्ट दिखेगी, जहां आपका अकाउंट लॉगिनहै. इसमें डिवाइस का नाम, लोकेशन और आखिरी बार इस्तेमाल का समय भी दर्ज होता है.

अनजान डिवाइस दिखे तो क्या करें

अगर इस लिस्ट में कोई ऐसा डिवाइस दिखे जिसे आप पहचानते नहीं हैं, तो तुरंत उस पर से साइन आउट कर दें. इसके बाद अपना पासवर्ड बदलना बेहद जरूरी है. इससे आपका अकाउंट सुरक्षित हो जाएगा और कोई भी पुराना लॉगिन काम नहीं करेगा.

दोहरी सुरक्षा का फायदा

गूगल अकाउंट की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए 2-Step Verification (2FA) ऑन करें. इसमें हर बार लॉगिन करते समय पासवर्ड के अलावा आपके मोबाइल पर एक कोड आएगा. यह अतिरिक्त परत आपके अकाउंट को हैकिंग से बचाती है.

हाल की सिक्योरिटी एक्टिविटी पर नजर रखें

गूगल अकाउंट में Recent Security Activity का विकल्प भी मिलता है. यहां आप देख सकते हैं कि हाल में कोई बदलाव हुआ है या नहीं. अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत कार्रवाई करें.

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लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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