Gmail यूजर्स के लिए अलर्ट: Google Calendar की यह सेटिंग तुरंत बंद करें, वरना खतरा तय

Gmail की डिफॉल्ट सेटिंग से जुड़ी Google Calendar की एक खामी से आपकी निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है. जानिए कैसे बचें इस साइबर हमले से

2.5 अरब Gmail यूजर्स पर साइबर खतरा मंडरा रहा है! दुनिया भर में Gmail के 2.5 अरब से अधिक यूजर्स हैं, और यही वजह है कि साइबर अपराधियों की नजर इस प्लेटफॉर्म पर टिकी रहती है. हाल ही में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि Gmail की एक डिफॉल्ट सेटिंग, जो Google Calendar से जुड़ी है, यूजर्स की संवेदनशील जानकारी को उजागर कर सकती है.

Google Calendar की खामी क्या है?

Gmail की एक डिफॉल्ट सेटिंग Google Calendar के Events फीचर से जुड़ी होती है. इस सेटिंग के कारण आपकी मीटिंग्स, लोकेशन, नाम और यहां तक कि मेडिकल अपॉइंटमेंट्स जैसी जानकारी दूसरों को दिख सकती है. साइबर अपराधी इन जानकारियों का इस्तेमाल कर फिशिंग ईमेल को और भी विश्वसनीय बना देते हैं.

स्कैमर्स कैसे करते हैं शोषण?

छोटी-छोटी जानकारी जैसे “किससे मिलना है” और “कहां जाना है” का इस्तेमाल कर स्कैमर्स ऐसे ईमेल तैयार करते हैं जो असली लगते हैं. इससे यूजर्स आसानी से धोखा खा जाते हैं.

कैसे करें खुद को सुरक्षित?

  • Google Calendar की सेटिंग्स में जाएं
  • Events सेक्शन में जाकर “Add/View Permissions” को सीमित करें
  • अनावश्यक एक्सेस को बंद करें
  • अपने डेटा को लोकल स्टोरेज में सेव करें

हर यूजर के लिए जरूरी

भले ही आप Google Calendar का नियमित उपयोग न करते हों, यह सेटिंग डिफॉल्ट रूप से ऑन होती है. इसलिए इसे चेक करना और अपडेट करना बेहद जरूरी है.

सेटिंग में छोटा सा बदलाव

सेटिंग में छोटा सा बदलाव करके आप बड़े साइबर खतरे से बच सकते हैं. Gmail यूजर्स को तुरंत यह बदलाव करना चाहिए ताकि उनकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे.

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By Rajeev kumar

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राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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