फ्रिज के पीछे लगी कॉइल्स क्या काम करती हैं? जानें इन्हें कब और कितनी बार साफ करना चाहिए?

Fridge Coils: फ्रिज के पीछे लगी कॉइल्स का काम काफी सिंपल है. ये अंदर की गर्मी बाहर निकालकर उसे ठंडा रखने में मदद करती हैं. अगर इनमें धूल जम जाए तो कूलिंग कमजोर हो जाती है और बिजली बिल बढ़ सकता है.

अगर आप अपने घर के बिजली बिल को कंट्रोल में रखना चाहते हैं और साथ ही अपने फ्रिज की लाइफ बढ़ाना चाहते हैं, तो एक छोटी सी चीज पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. हम बात कर रहे हैं फ्रिज के पीछे मौजूद कॉइल्स की. अक्सर लोग इस हिस्से को साफ करना भूल जाते हैं. अगर इनमें धूल और गंदगी जम जाए, तो फ्रिज को ठंडा करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसका सीधा असर आपके बिजली बिल पर पड़ता है. इसलिए समय-समय पर फ्रिज की कॉइल्स को साफ करना जरूरी है, ताकि वे अच्छे से काम कर सकें. लेकिन सवाल यह है कि आखिर इसे कब और कितनी बार साफ करनी चाहिए? आइए जानते हैं.

क्या काम करते हैं ये कॉइल्स?

फ्रिज के कॉइल्स असल में आपके फ्रिज को ठंडा रखने का सबसे अहम काम करते हैं. आसान शब्दों में समझें तो ये एक तरह से ‘हीट निकालने वाले सिस्टम’ होते हैं. ये फ्रिज के अंदर की गर्मी को खींचकर बाहर कमरे में छोड़ देते हैं, जिससे अंदर का तापमान ठंडा बना रहता है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये बिल्कुल रेडिएटर की तरह काम करते हैं. लेकिन अगर इन पर धूल, गंदगी या पालतू जानवरों के बाल जम जाएं, तो इनकी काम करने की कैपेसिटी कम हो जाती है.

फ्रिज के कॉइल्स साफ करने का सही समय कैसे पहचानें?

  • फ्रिज का टेम्परेचर बराबर नहीं रहता या सही से ठंडा नहीं हो पाता है.
  • बिजली का बिल अचानक बढ़ जाता है.
  • फ्रिज से अजीब या ज्यादा आवाज आने लगती है.
  • फ्रिज लगातार चलता रहता है, बंद होने का नाम ही नहीं लेता.

फ्रिज कॉइल्स को कब और कितनी बार साफ करनी चाहिए?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर घर में नॉर्मल धूल-मिट्टी रहती है, तो साल में सिर्फ एक बार क्लीनिंग काफी होती है. लेकिन अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं जिसके बहुत बाल झाड़ते हैं, या आपका इलाका ज्यादा धूल भरा है, तो हर 6 महीने में सफाई करना बेहतर रहता है.

असल में, ज्यादा डस्ट और पेट हेयर्स कॉइल्स में जमकर एयरफ्लो को रोक सकते हैं. इससे सिस्टम की परफॉरमेंस पर असर पड़ता है. इसलिए हल्की-फुल्की मेंटेनेंस साल में एक बार और हेवी डस्ट वाले घरों में दो बार करना एक अच्छा नियम माना जाता है.

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Published by: Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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