स्मार्टफोन खरीदते समय ज्यादातर लोग कैमरा, बैटरी और प्रॉसेसर पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक चीज ऐसी भी है जो रोजाना के इस्तेमाल का अनुभव पूरी तरह बदल सकती है, और वह है फोन का सॉफ्टवेयर. हाल के वर्षों में क्लीन एंड्रॉयड या स्टॉक एंड्रॉयड फोन की मांग तेजी से बढ़ी है. इसकी वजह यह है कि कई यूजर्स अब ऐसे स्मार्टफोन चाहते हैं जो बिना अनचाहे ऐप्स, बिना परेशान करने वाले ऐड्स (विज्ञापन) और बिना भारी सॉफ्टवेयर लेयर के स्मूद अनुभव दें. यही कारण है कि गूगल पिक्सेल, नथिंग और मोटोरोला जैसे ब्रांड इस सेगमेंट में लगातार लोकप्रिय हो रहे हैं.
आखिर क्या होता है Clean Android?
क्लीन (एंड्रॉयड) ऐसे स्मार्टफोन को कहा जाता है जिसमें एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम को लगभग उसी रूप में रखा जाता है जैसा गूगल ने डिजाइन किया है. इसमें अतिरिक्त फीचर्स और भारी कस्टम इंटरफेस बहुत कम होते हैं. इसका मकसद यूजर को आसान, तेज और बिना रुकावट वाला अनुभव देना होता है.
कई स्मार्टफोन कंपनियां अपने फोन में अलग-अलग यूजर इंटरफेस जोड़ती हैं, जिनमें अतिरिक्त ऐप्स, थीम्स और सेवाएं शामिल होती हैं. वहीं क्लीन एंड्रॉयड फोन इस अतिरिक्त बोझ से काफी हद तक मुक्त रहते हैं.
नहीं मिलते फालतू ऐप्स और ऐड्स
कई बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल किए गए कई ऐप्स मिलते हैं, जिनका उपयोग अधिकांश लोग कभी नहीं करते. कुछ डिवाइस तो सिस्टम स्तर पर विज्ञापन और प्रमोशनल नोटिफिकेशन भी दिखाते हैं.
क्लीन एंड्रॉयड फोन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इनमें केवल जरूरी सिस्टम ऐप्स ही मौजूद होते हैं. यूजर को अनचाहे गेम्स, डुप्लिकेट ब्राउजर या लगातार आने वाले प्रमोशनल अलर्ट से जूझना नहीं पड़ता. इससे फोन का अनुभव अधिक साफ और व्यवस्थित महसूस होता है.
बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी बैटरी लाइफ
जब फोन में भारी सॉफ्टवेयर स्किन और बैकग्राउंड में चलने वाली अतिरिक्त सेवाएं कम होती हैं, तो सिस्टम संसाधनों पर दबाव भी कम पड़ता है. इसका सीधा असर फोन की स्पीड और बैटरी लाइफ पर दिखाई देता है.
ऐसे स्मार्टफोन आमतौर पर तेजी से ऐप्स खोलते हैं, एनिमेशन स्मूद रहते हैं और लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद भी ज्यादा लैग महसूस नहीं होता. बैटरी की खपत भी कम होती है, खासकर तब जब फोन स्टैंडबाय मोड में हो.
अपडेट जल्दी मिलने का बड़ा फायदा
नये एंड्रॉयड अपडेट आने के बाद कई कंपनियों को अपने कस्टम इंटरफेस के अनुसार बदलाव करने में लंबा समय लग जाता है. इसी वजह से अपडेट यूजर्स तक पहुंचने में कई महीने लग सकते हैं.
क्लीन एंड्रॉयड फोन इस मामले में अक्सर आगे रहते हैं. चूंकि इनमें एक्स्ट्रा सॉफ्टवेयर लेयर कम होता है, इसलिए नए फीचर्स और सिक्योरिटी अपडेट थोड़ा जल्दी मिल जाते हैं. इससे फोन ज्यादा सुरक्षित और लंबे समय तक अपडेटेड बना रहता है.
कौन-कौन से ब्रांड देते हैं Clean Android एक्सपीरिएंस?
अगर आप क्लीन एंड्रॉयड अनुभव चाहते हैं तो कुछ ब्रांड इस क्षेत्र में खास पहचान रखते हैं. गूगल पिक्सेल को स्टॉक एंड्रॉयड का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है क्योंकि इसे सीधे गूगल डेवलप करता है. वहीं नथिंग अपने नथिंग ओएस के जरिए क्लीन एंड्रॉयड के साथ आधुनिक डिजाइन का मिश्रण पेश करता है.
मोटोरोला भी लगभग स्टॉक एंड्रॉयड अनुभव देता है. कंपनी कुछ उपयोगी फीचर्स जोड़ती है, लेकिन सिस्टम को अनावश्यक बदलावों से दूर रखती है. यही वजह है कि ये ब्रांड उन लोगों के बीच लोकप्रिय हैं जो सरल, तेज और विज्ञापन-मुक्त स्मार्टफोन अनुभव चाहते हैं.
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