ChatGPT ने 41 लाख जॉब्स की खाक छानकर बना डाला लिंक्डइन और इनडीड जैसा नया हायरिंग प्लैटफॉर्म

एक Reddit यूजर ने ChatGPT API की मदद से 41 लाख नौकरियों को स्क्रैप कर Hiring.Cafe नामक नया हायरिंग प्लेटफॉर्म बनाया. जानिए कैसे हुआ ये कमाल

नौकरी की तलाश में ‘घोस्ट जॉब्स’ से परेशान बंदे ने ChatGPT से बनाया रास्ता

LinkedIn और Indeed जैसी साइटों पर ‘घोस्ट जॉब्स’ यानी फर्जी या पुरानी नौकरी की पोस्टिंग से परेशान एक Reddit यूजर ने खुद ही समाधान ढूंढ निकाला. उसने ChatGPT API की मदद से सीधे कंपनियों की वेबसाइट्स से 4.1 मिलियन नौकरियों को स्क्रैप किया और Hiring.Cafe नामक एक नया हायरिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया.

ChatGPT बना डेटा क्लीनर

हर कंपनी की वेबसाइट पर नौकरी की जानकारी अलग-अलग फॉर्मेट में होती है. किसी में सैलरी ऊपर दी जाती है, तो किसी में नीचे छिपी होती है. Reddit यूजर ने ChatGPT API का इस्तेमाल कर इन कच्चे डाटा को JSON फॉर्मेट में बदलवाया जिसमें जॉब टाइटल, अनुभव, सैलरी, लोकेशन और रिमोट वर्क की जानकारी शामिल थी.

Hiring.Cafe: 220K रिमोट जॉब्स के साथ नया प्लेटफॉर्म

इस तकनीक से उसने 4.1 मिलियन नौकरियों को स्क्रैप किया, जिनमें से 2.2 लाख से अधिक रिमोट जॉब्स थीं. Hiring.Cafe पर यूजर अब जॉब टाइटल, अनुभव और कीवर्ड्स के आधार पर बेहतर फिल्टरिंग कर सकते हैं.

क्या आप भी कर सकते हैं ऐसा?

हां, लेकिन इसके लिए तकनीकी संसाधन और लागत की जरूरत है. ChatGPT API से लाखों जॉब्स को प्रोसेस करना महंगा और कंप्यूटेशनली भारी है. यूजर ने Apollo.io और Dun & Bradstreet से कंपनियों की वैधता भी जांची.

Hiring.Cafe पर यूजर्स को दिखा फर्क

यूजर्स ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म पर फर्जी जॉब्स और स्पैम रिक्रूटर्स की संख्या बेहद कम है. हालांकि कभी-कभी रिमोट टैग या सैलरी की जानकारी मिस हो जाती है, लेकिन असली कंपनियों की पोस्टिंग होना सबसे अहम है.

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By Rajeev kumar

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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