बजट 2026 में निर्मला सीतारमण ने 11 बार लिया AI का नाम, स्कूल से खेत तक बदलेगी तस्वीर

यूनियन बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने AI का रिकॉर्ड 11 बार जिक्र किया. गवर्नेंस, शिक्षा, कृषि, हेल्थ और सुरक्षा में AI से बड़े बदलाव की तैयारी.

भारत का यूनियन बजट 2026 इस बार पूरी तरह से टेक्नोलॉजी के रंग में रंगा नजर आया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उल्लेख रिकॉर्ड 11 बार किया. यह आंकड़ा अब तक के किसी भी भारतीय बजट भाषण में सबसे ज्यादा है. साफ है कि सरकार अब AI को केवल एक तकनीकी ट्रेंड नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार मान रही है.

गवर्नेंस में AI की ताकत

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में गवर्नेंस और सरकारी सेवाओं में AI को बड़े पैमाने पर शामिल किया जाएगा. इसे “फोर्समल्टीप्लायर” की तरह इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि कम समय में ज्यादा और बेहतर काम हो सके. योजनाओं की डिलीवरी तेज और सटीक होगी, जिससे आम नागरिकों तक लाभ बिना देरी के पहुंचेगा.

शिक्षा और स्किल्स में बड़ा बदलाव

बजट में यह भी घोषणा हुई कि स्कूल स्तर से ही बच्चों को AI की शिक्षा दी जाएगी. नेशनल करिकुलम में AI मॉड्यूल जोड़े जाएंगे और शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे आने वाली पीढ़ी टेक-रेडी बनेगी. साथ ही AIप्लैटफॉर्म्स युवाओं को सही नौकरी और ट्रेनिंग से जोड़ेंगे. बदलते जॉब रोल और स्किल्स का विश्लेषण कर प्रोफेशनल्स को अपस्किल और रिस्किल करने में मदद मिलेगी.

कृषि और स्वास्थ्य में नई दिशा

AI का इस्तेमाल केवल आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा. खेती में AgriStack पोर्टल्स और ICAR पैकेज के साथ किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी मिलेगी. हेल्थकेयर में दिव्यांग लोगों के लिए AI आधारित असिस्टिव डिवाइस तैयार किए जाएंगे. ALIMCO जैसे संस्थान इन प्रोडक्ट्स पर काम करेंगे. इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी.

सुरक्षा और नई AI पहलें

कस्टम और सुरक्षा विभागों में AI आधारित रिस्क असेसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे. एडवांस स्कैनिंग और इमेजिंग टेक्नोलॉजी से जांच प्रक्रिया तेज होगी. इसके अलावा भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) नाम का मल्टीलिंगुअलAI टूल पेश किया गया है, जो अलग-अलग भाषाओं में सेवाओं की पहुंच आसान बनाएगा.

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश

सरकार ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़े टैक्स इंसेंटिव दिए हैं. विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे मिलेगा, अगर वे भारत से डेटा सेंटर सर्विस देकर दुनिया को क्लाउड सेवाएं दें.Google पहले ही विशाखापत्तनम में 15 बिलियन डॉलर का AI आधारित डेटा सेंटर निवेश घोषित कर चुका है. साथ ही सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, ताकि भारत चिप मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बन सके.

यह भी पढ़ें: बजट 2026: भारत ने आईटी और टेलीकॉम पर लगाया बड़ा दांव, देखिए अमेरिका-चीन-रूस-पाकिस्तान के आगे कितना दमदार

यह भी पढ़ें: Budget 2026 में सरकार का बड़ा फैसला, मोबाइल बैटरी और EV के पार्ट्स पर ड्यूटी छूट जारी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >