Zerodha के नाम पर WhatsApp और Telegram के फर्जी ग्रुप्स से सावधान! कैसे हो रही है ठगी और कैसे बचें?

Zerodha के नाम पर WhatsApp और Telegram जैसे सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिये निवेशकों को ठगा (Zerodha Scam) जा रहा है. जानिए कैसे फर्जी ग्रुप्स और नकली ऐप्स के जरिये साइबर अपराधी लोगों को जाल में फंसा रहे हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है.

Zerodha Scam: देश में साइबर ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है और अब Zerodha जैसे प्रतिष्ठित ब्रोकरेज प्लैटफॉर्म का नाम भी ठगों के निशाने पर है. हाल ही में एक निवेशक को Zerodha के नाम पर बने फर्जी सोशल मीडिया ग्रुप के जरिये लाखों रुपये की चपत लगाई गई.

फर्जी प्रोफाइल फोटो और नामों का सहारा

यह ठगी एक WhatsApp ग्रुप से शुरू हुई, जिसका नाम था Zerodha Elite Traders. इस ग्रुप में Zerodha के CEO नितिन कामथ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की फर्जी प्रोफाइल फोटो और नामों का इस्तेमाल किया गया. ग्रुप में रोजाना फर्जी मुनाफे की स्क्रीनशॉट्स, IPO अलॉटमेंट्स और निवेश सलाह शेयर की जाती थी, जिससे निवेशकों को भरोसा हो जाए.

नकली Zerodha ऐप

इसके बाद निवेशकों को एक नकली Zerodha ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया, जो असली Kite ऐप की हूबहू कॉपी थी. इस ऐप में निवेशक का फर्जी पोर्टफोलियो दिखाया गया, जिसमें भारी मुनाफे का सब्जबाग नजर आया था. जब निवेशक ने मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो सर्विस चार्ज के नाम पर और पैसे मांगे गए. अंततः निवेशक को न तो मुनाफा मिला और न ही मूलधन वापस.

WhatsApp या Telegram पर निवेश सलाह नहीं देते Zerodha

Zerodha ने इस पर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे कभी भी WhatsApp या Telegram पर निवेश सलाह नहीं देते और न ही किसी थर्ड पार्टी बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने को कहते हैं. कंपनी ने सभी निवेशकों से अपील की है कि वे केवल Zerodha की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का ही इस्तेमाल करें.

कैसे बचें इस तरह की ठगी से?

किसी भी अनजान ग्रुप या लिंक पर भरोसा न करें
Zerodha की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऐप डाउनलोड करें
कोई भी निवेश करने से पहले कंपनी की आधिकारिक पुष्टि करें
साइबर ठगी की शिकायत cybercrime.gov.in पर करें या 1930 पर कॉल करें.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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