Apple अपनी इस गलती के लिए हर यूजर को दे रहा ₹8500 का मुआवजा, जानिए कौन कर सकता है क्लेम

Apple अपने Siri प्राइवेसी केस में ₹8,500 तक का मुआवजा दे रहा है. जानें कौन इस राशि का दावा कर सकता है और क्लेम करने की प्रक्रिया क्या है.

Apple ने अमेरिका में Siri वॉयस असिस्टेंट को लेकर चल रहे प्राइवेसी केस में समझौता कर लिया है, और इसके तहत योग्य यूजर्स को ₹8,500 (लगभग $92) तक का भुगतान किया जा रहा है. यह सेटलमेंट 2020 में दायर उस क्लास-एक्शन मुकदमे का हिस्सा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि Siri ने यूजर्स की प्राइवेट बातचीत को उनकी अनुमति के बिना रिकॉर्ड किया.

कौन-से यूजर्स को मिलेगा पैसा?

यह मुआवजा उन Appleयूजर्स को मिलेगा जिन्होंने iPhone, iPad, Mac, Apple Watch या Home Pod जैसे डिवाइस पर 2016 से 2021 के बीच Siri का उपयोग किया था और जिनका डेटा कथित रूप से रिकॉर्ड हुआ था.

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पैसे के लिए क्लेम कैसे करें?

यूजर्स को एक ऑनलाइन फॉर्म भरकर क्लेम करना होगा.

दावा करने की अंतिम तारीख 18 मार्च 2025 थी, लेकिन जिन लोगों ने पहले से फॉर्म भर दिया है, उन्हें भुगतान जल्द मिलेगा.

यह भुगतान डिजिटल ट्रांसफर या चेक के रूप में होगा.

केस में क्या था आरोप?

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि Siri बिना किसी कमांड के भी एक्टिवेट हो जाती थी और निजी बातचीत रिकॉर्ड कर कंपनी के सर्वर पर भेजती थी.Apple ने इन आरोपों से इनकार किया लेकिन विवाद से बचने के लिए $25 मिलियन (करीब ₹208करोड़) के समझौते को मंजूरी दी.

Apple ने क्या सफाई दी?

Apple ने कहा कि वह यूजर्स की प्राइवेसी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देता है और Siri की रिकॉर्डिंग से संबंधित मुद्दों को पहले ही टेक्निकली ठीक किया जा चुका है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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