IND-PAK Tension: ऐपल को ट्रंप का फरमान- भारत में आईफोन बनाना बंद करो... और अमेरिकी राष्ट्रपति को मिल गया करारा जवाब

Ind-Pak Tension: Apple ने भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग पर डोनाल्ड ट्रंप की आपत्ति को नजरअंदाज करते हुए साफ किया है कि भारत में प्रोडक्शन जारी रहेगा. कंपनी ने कहा कि वह Make in India पहल को आगे बढ़ाने के लिए भारत में निवेश और विस्तार करती रहेगी. पढ़ें पूरी खबर

IND-PAK Tension Apple India News: भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग को लेकर हाल ही में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने Apple को भारत में प्रोडक्शन रोकने की सलाह दी. अब इस पर Apple का रुख साफ हो गया है. Apple भारत में iPhone मैन्युफैक्चरिंग को लेकर अपने फैसले पर अडिग है. कंपनी के सूत्रों के अनुसार, भारत में निर्माण कार्य को लेकर कोई बदलाव नहीं होगा और प्रोडक्शन प्लान पहले की तरह चलता रहेगा. यह प्रतिक्रिया उस समय आई है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- मैं नहीं चाहता कि आप भारत में iPhone बनाएं.

भारत में Apple का बढ़ता निवेश

Apple पिछले कुछ सालों में भारत में मैन्युफैक्चरिंग को लेकर बड़ी तेजी से आगे बढ़ा है. वर्तमान में कंपनी भारत में iPhone 12, 13, 14 और अब iPhone 15 मॉडल्स का उत्पादन कर रही है.Foxconn और Pegatron जैसी कंपनियां भारत में Apple के लिए iPhoneअसेंबल कर रही हैं. कंपनी का मकसद चीन पर निर्भरता को कम करना और MakeinIndia को बढ़ावा देना है.

Apple ने क्या कहा?

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट की मानें, तो Apple के करीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया कि भारत में iPhoneमैन्युफैक्चरिंग बदस्तूर जारी रहेगी और इस दिशा में कंपनी का भरोसा मजबूत है. भारत सरकार के साथ मिलकर Apple अपने प्रोडक्शन और ऑपरेशंस को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है.

क्यों अहम है भारत?

भारत आज Apple के लिए न केवल एक बड़ा बाजार बन गया है, बल्कि एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब भी बन रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, भारत में अब Apple के iPhone प्रोडक्शन का हिस्सा 7% से बढ़कर 14% तक पहुंच गया है. इससे भारत को टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्लोबल पहचान भी मिल रही है.

ट्रंप की टिप्पणी का क्या असर?

ट्रंप का बयान भले ही सियासी नजरिए से आया हो, लेकिन Apple जैसे वैश्विक ब्रांड्स अपनी स्ट्रैटेजी को आर्थिक और लॉजिस्टिक आधार पर तय करते हैं. ऐसे में भारत को लेकर ट्रंप की टिप्पणी का सीधा असर कंपनी की नीतियों पर नहीं पड़ेगा.

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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