कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने का दावा करने वाली अमेरिकी कंपनी Monarch Tractor का सफर अचानक खत्म हो गया. कंपनी ने एक ऐसा AI ट्रैक्टर बनाया था जो खुद चल सकता था और किसानों की मदद कर सकता था. शुरुआत में इसे भविष्य की खेती का समाधान बताया गया, लेकिन लगातार तकनीकी खराबियों और सुरक्षा विवादों ने कंपनी को भारी नुकसान पहुंचाया.
AI Tractor: कैसे हुई कंपनी की बंदी
कैलिफोर्निया स्थित Monarch Tractor को शुरुआती दौर में निवेशकों से करीब 2,222 करोड़ रुपये का फंड मिला था और इसकी वैल्यू एक समय 4,194 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी. लेकिन ट्रैक्टरों की टेस्टिंग के दौरान कई बार फेल्योर और क्रैश की घटनाएं सामने आईं. किसानों ने शिकायत की कि रोबोट मोड में ट्रैक्टर का व्यवहार अनिश्चित था और यह आसपास खड़े लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता था.
AI Tractor: तकनीकी खामियां और विवाद
कंपनी के ट्रैक्टरों में पार्ट्स की फिटिंग और कैलिब्रेशन सही नहीं था. मशीनें बार-बार टूटती थीं और लगातार खराबी आती थी. जिन दुकानों पर ये ट्रैक्टर बेचे गए, वहां से भी शिकायतें दर्ज हुईं. इसके चलते कई पार्टनर्स ने कंपनी से दूरी बना ली.
AI Tractor: सरकारी निवेश और नुकसान
Monarch Tractor में सरकार ने भी निवेश किया था, लेकिन कंपनी के बंद होने से टैक्सपेयर्स का पैसा बर्बाद हो गया. किसानों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट न केवल असफल रहा बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक साबित हुआ.
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