आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या कंटेंट तैयार करने तक सीमित नहीं है. AI अब Software का Code भी खुद लिख रहा है. AI कंपनियों के भीतर Software Development का तरीका तेजी से बदल रहा है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण Anthropic, Google और Microsoft जैसी टेक कंपनियां हैं, जहां नए Software Code का बड़ा हिस्सा अब इंसानों के बजाय AI तैयार कर रहा है.
Anthropic में 80 फीसदी से ज्यादा नया Code AI लिख रहा
AI कंपनी Anthropic के अनुसार, उसकी अपनी Software Development में जो नया Code जोड़ा जा रहा है, उसका 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा अब इंसानों के बजाय AI लिख रहा है. कंपनी ने जून 2026 में जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है.
Anthropic के AI मॉडल Claude और उसके Coding Tool Claude Code की वजह से यह बदलाव तेजी से आया है. Claude Code को पहली बार 2025 में लॉन्च किया गया था. उससे पहले Anthropic में AI द्वारा लिखा जाने वाला नया Code केवल कुछ फीसदी यानी लो सिंगल डिजिट में था.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि Software Engineers की भूमिका खत्म हो गई है. Engineers अभी भी तय करते हैं कि Software का Architecture कैसा होगा, कौन-से सिस्टम आपस में कैसे काम करेंगे और क्या बनाया जाना चाहिए. फर्क सिर्फ इतना है कि Code की हर लाइन खुद लिखने के बजाय अब बड़ी मात्रा में यह काम AI कर रहा है.
Google में 75 फीसदी नया Code AI से तैयार
Google में भी AI आधारित Coding का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. Google के CEO सुंदर पिचाई ने इस साल बताया था कि कंपनी में नए Code का करीब 75 फीसदी हिस्सा AI तैयार कर रहा है. पिछले साल के अंत में यह आंकड़ा करीब 50 फीसदी था.
Google ने हाल ही में एक बड़े Code Migration का काम पूरा किया, जिसमें AI Agents और Engineers ने मिलकर काम किया. कंपनी के अनुसार, इस प्रक्रिया को समान प्रकार के पिछले काम की तुलना में करीब छह गुना तेजी से पूरा किया गया.
Microsoft में AI से Code लिखने का अनुपात फिलहाल इससे कम है. Microsoft CEO सत्य नडेला के अनुसार, कंपनी में करीब 20 से 30 फीसदी Code AI की मदद से तैयार हो रहा है. हालांकि यह आंकड़ा Programming Language और अलग-अलग Teams के काम के आधार पर काफी बदल सकता है.
AI कंपनियां खुद AI से क्यों लिखवा रही हैं Code?
AI कंपनियों के लिए Software Coding की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है. अगर कोई AI मॉडल Software लिखने में सक्षम है, तो वह यूजर की जरूरत के हिसाब से किसी Application को तैयार करने या उसमें बदलाव करने में मदद कर सकता है.
यही वजह है कि OpenAI, Anthropic, Google और Microsoft जैसी कंपनियां AI Coding को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
OpenAI ने भी 2026 में अपने Coding Tool Codex को नए सिरे से तैयार किया. इसका मकसद Anthropic के Claude Code को चुनौती देना है. AI कंपनियों के बीच Coding क्षमता को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा यह संकेत देती है कि भविष्य में Software Development AI के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक हो सकता है.
AI Agent के सामने समस्या आए तो खुद लिख सकता है नया Code
AI Coding का सबसे बड़ा फायदा तब दिखाई देता है जब AI Agent किसी काम को पूरा करते समय ऐसी समस्या का सामना करता है, जिसका समाधान उसके पास मौजूद Tools से नहीं हो पाता.
ऐसी स्थिति में AI Agent इंसान के पास मदद के लिए रुकने के बजाय खुद नया Code तैयार कर समस्या का समाधान करने की कोशिश कर सकता है.
यानी जो समस्या पहले AI Agent के लिए काम रोक देने वाली बाधा होती थी, वह अब एक ऐसा Task बन सकती है जिसे AI खुद Code लिखकर हल करने की कोशिश करे.
जैसे-जैसे AI इस तरह की बाधाओं को खुद पार करने में सक्षम होगा, वैसे-वैसे वह बिना इंसानी हस्तक्षेप के अधिक जटिल काम पूरे कर सकेगा.
Software में तुरंत हो सकेगा बदलाव?
AI Coding का असर सिर्फ Software बनाने तक सीमित नहीं रह सकता. आने वाले समय में इसका असर उन Applications पर भी पड़ सकता है, जिन्हें आज हम रोजाना इस्तेमाल करते हैं.
फिलहाल किसी Software में कोई Feature नहीं है, तो यूजर को कंपनी से उस Feature के आने का इंतजार करना पड़ता है. कंपनी उसे अपने अगले Update या Release में शामिल कर सकती है.
लेकिन AI आधारित Software में स्थिति अलग हो सकती है. यूजर केवल यह बता सकता है कि उसे Application में क्या बदलाव चाहिए और AI उसी जरूरत के अनुसार नया Code तैयार कर सकता है.
इसका मतलब है कि भविष्य का Software एक तय Feature Set वाला Product होने के बजाय यूजर की जरूरत के अनुसार खुद को बदलने वाला सिस्टम बन सकता है.
2030 तक 95 फीसदी Code AI लिख सकता है
Microsoft के Chief Technology Officer केविन स्कॉट ने अनुमान जताया है कि 2030 तक दुनिया में करीब 95 फीसदी Code AI द्वारा तैयार किया जा सकता है.
यह अनुमान Microsoft में मौजूदा 20 से 30 फीसदी AI-generated Code की तुलना में काफी बड़ा बदलाव होगा.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं होगा कि Software Engineers की जरूरत खत्म हो जाएगी. इंसानों की भूमिका Software Architecture, Planning, Decision Making और AI द्वारा तैयार किए गए Code की जांच में महत्वपूर्ण बनी रहेगी.
दूसरे शब्दों में, भविष्य में Engineers का काम हर लाइन को खुद लिखने से ज्यादा यह तय करना हो सकता है कि क्या बनाया जाए, कैसे बनाया जाए और AI द्वारा तैयार किया गया परिणाम सही और सुरक्षित है या नहीं.
अभी आम Software में नहीं दिख रहा यह बदलाव
हालांकि AI द्वारा Code लिखने का चलन AI कंपनियों के भीतर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसका असर अभी आम यूजर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ज्यादातर Software में उसी स्तर पर दिखाई नहीं देता.
AI Labs ऐसे Software की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, जो बातचीत के जरिए खुद में बदलाव कर सकें. लेकिन यह अभी पूरी तरह आम Software का हिस्सा नहीं बना है.
फिलहाल इतना जरूर स्पष्ट है कि Software Development में Code लिखने का काम धीरे-धीरे इंसानों से AI Models की ओर जा रहा है. आगे चलकर यह बदलाव केवल Developers के काम करने के तरीके को ही नहीं, बल्कि Software के निर्माण और इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया को बदल सकता है.
FAQs
1. क्या AI अब Software का Code खुद लिख सकता है? ▼
हां, AI अब बड़ी मात्रा में Software Code लिखने में सक्षम है. Anthropic और Google जैसी कंपनियां अपने आंतरिक Software Development में AI-generated Code का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रही हैं.
2. क्या AI की वजह से Software Engineers की नौकरी खत्म हो जाएगी? ▼
फिलहाल ऐसा नहीं कहा जा सकता. AI Code लिखने में मदद कर रहा है, लेकिन Software Architecture, Planning, Decision Making और Code की जांच जैसे महत्वपूर्ण कामों में Engineers की भूमिका बनी हुई है.
3. क्या भविष्य में Software खुद को जरूरत के हिसाब से बदल सकेगा? ▼
AI Coding के विकास के साथ ऐसा संभव हो सकता है. भविष्य में यूजर अपनी जरूरत बताकर Software में बदलाव करवा सकता है और AI उसके लिए जरूरी Code तैयार कर सकता है.
