AC ऐसे बंद करेंगे, तो जिंदगीभर कंप्रेसर आपको कहेगा- Thank You

ज्यादातर लोग AC बंद करते समय ऐसी गलती कर देते हैं जो कंप्रेसर और मशीन की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकती है. जानिए एक्सपर्ट्स के मुताबिक AC बंद करने और इस्तेमाल करने का सही तरीका

गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर अब लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है. लोग घंटों AC चलाते हैं ताकि घर और ऑफिस में आरामदायक माहौल बना रहे. लेकिन बहुत कम लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि AC को चालू करने जितना ही जरूरी उसे सही तरीके से बंद करना भी है. कई बार जल्दबाजी में लोग सीधे स्विच ऑफ कर देते हैं या फिर मेन पावर कट कर देते हैं. यह आदत लंबे समय में AC की परफॉर्मेंस और उसकी लाइफ पर असर डाल सकती है. अगर आप चाहते हैं कि आपका AC सालों तक बेहतर कूलिंग देता रहे, तो कुछ आसान बातों को समझना जरूरी है.

AC को गलत तरीके से बंद करना क्यों पड़ सकता है भारी?

एयर कंडीशनर के अंदर कई महत्वपूर्ण पार्ट्स एक साथ काम करते हैं. इनमें फैन और कंप्रेसर सबसे अहम होते हैं. जब AC चालू होता है तो पूरा सिस्टम एक तय क्रम में काम करना शुरू करता है. लेकिन यदि उसे अचानक बिजली काटकर बंद कर दिया जाए, तो सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है. लगातार ऐसा होने पर कंप्रेसर की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है, जो किसी भी AC का सबसे महंगा और महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. इसलिए एक्सपर्ट हमेशा सलाह देते हैं कि AC को सही प्रक्रिया के साथ बंद किया जाए.

रिमोट से बंद करना क्यों है बेहतर विकल्प?

AC को बंद करने का सबसे सुरक्षित तरीका उसका रिमोट इस्तेमाल करना माना जाता है. जब यूजर रिमोट से AC ऑफ करता है, तो मशीन के अलग-अलग हिस्से क्रमबद्ध तरीके से काम बंद करते हैं. इससे सिस्टम को अचानक झटका नहीं लगता और मशीन के अंदर मौजूद मैकेनिकल पार्ट्स सुरक्षित रहते हैं. यही वजह है कि निर्माता कंपनियां भी हमेशा रिमोट के जरिए ही AC को बंद करने की सलाह देती हैं. यदि लंबे समय तक AC का इस्तेमाल नहीं करना है, तब रिमोट से बंद करने के बाद मुख्य स्विच ऑफ करना बेहतर माना जाता है.

सीजन खत्म होने पर इन बातों का रखें ध्यान

गर्मी खत्म होने के बाद कई महीनों तक AC और उसका रिमोट इस्तेमाल नहीं होता. ऐसे में रिमोट के अंदर लगी बैटरियां निकाल देना एक अच्छी आदत हो सकती है. लंबे समय तक बैटरी पड़े रहने से लीकेज का खतरा बढ़ जाता है, जिससे रिमोट खराब हो सकता है. इसके अलावा AC की समय-समय पर सफाई और सर्विसिंग भी उसकी लाइफ बढ़ाने में मदद करती है.

इन्वर्टर AC और नॉन-इन्वर्टर AC में क्या है बड़ा अंतर?

आज बाजार में इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर दोनों तरह के AC उपलब्ध हैं. पारंपरिक नॉन-इन्वर्टर मॉडल में कंप्रेसर बार-बार ऑन और ऑफ होता है, जिससे बिजली की खपत ज्यादा हो सकती है. वहीं इन्वर्टर AC में कंप्रेसर लगातार चलता रहता है और जरूरत के अनुसार अपनी स्पीड कम या ज्यादा करता है. इससे तापमान स्थिर बना रहता है और ऊर्जा की बचत भी होती है.

बिजली बिल कम करने में भी मददगार है इन्वर्टर टेक्नोलॉजी

इन्वर्टर AC की सबसे बड़ी खासियत इसकी एफिशिएंसी है. एक बार कमरे का तापमान सेट लेवल तक पहुंच जाने पर कंप्रेसर पूरी तरह बंद नहीं होता बल्कि कम स्पीड पर काम करता रहता है. इससे बिजली की खपत कम होती है और कमरे में लगातार बेहतर कूलिंग मिलती है. यही वजह है कि लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए इन्वर्टर AC अधिक किफायती विकल्प माना जाता है.

अगर आप अपने AC की लाइफ बढ़ाना चाहते हैं और महंगे रिपेयर खर्च से बचना चाहते हैं, तो सिर्फ सही तरीके से बंद करने की आदत भी बड़ा फर्क पैदा कर सकती है. छोटी-सी सावधानी मशीन को लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकती है.

यह भी पढ़ें: AC चलेगा रात-दिन, फिर भी बिल की होगी नो टेंशन, जानिए स्मार्ट सोलर फॉर्मूला

यह भी पढ़ें: 700 रुपये की यह डिवाइस बचाएगी AC और गीजर से होने वाले हादसों से, जानिए कैसे

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >