Cyber Attack से हार्डवेयर को बचाने के लिए तैयार हुआ नया Algorithm

वाशिंगटन : वैज्ञानिकों ने एक अल्गोरिद्म विकसित किया है जो डेटा चुराने के लिए किये गए हमलों से हार्डवेयर की सुरक्षा करता है. हमलों में, हैकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के हार्डवेयर में ऊर्जा और विद्युत चुम्बकीय विकिरण की विविधताओं का पता लगाते हैं और उसका उपयोग करके एक कोड में परिवर्तित सूचना या डेटा (एंक्रिप्टेड जानकारी) […]

वाशिंगटन : वैज्ञानिकों ने एक अल्गोरिद्म विकसित किया है जो डेटा चुराने के लिए किये गए हमलों से हार्डवेयर की सुरक्षा करता है.
हमलों में, हैकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के हार्डवेयर में ऊर्जा और विद्युत चुम्बकीय विकिरण की विविधताओं का पता लगाते हैं और उसका उपयोग करके एक कोड में परिवर्तित सूचना या डेटा (एंक्रिप्टेड जानकारी) चोरी करते हैं.
अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ व्योमिंग में सहायक प्रोफेसर माइक बोरोविजक ने कहा, सामान्य तौर पर हम मानते हैं कि हम सुरक्षित सॉफ्टवेयर रखते हैं, हम सब कुछ सुरक्षित कर सकते हैं.
बोरोविजक ने कहा, भले ही आप अपने सॉफ्टवेयर को कितना सुरक्षित बना सकते हैं, अगर आपका हार्डवेयर जानकारी लीक करता है, तो आप मूल रूप से उन सभी सुरक्षा तंत्रों को नाकाम कर सकते हैं.
शोधकर्ताओं ने डिजाइन और कोड उपकरणों को इस तरह से पुनर्गठित करने का लक्ष्य रखा है जो किसी भी जानकारी को लीक नहीं करता है. ऐसा करने के लिए, उन्होंने एक अल्गोरिद्म विकसित किया है जो अधिक सुरक्षित हार्डवेयर प्रदान करता है.
परियोजना का नेतृत्व करने वाले रंगा वेमुरी ने कहा, हमने मूल रूप से सभी चक्रों में उपभोग की जाने वाली बिजली की मात्रा की बराबरी की है, जिससे हमलावरों के पास बिजली माप भी हो तो भी वे उस जानकारी को हासिल करने के लिए कुछ भी नहीं कर सकते.
उन्होंने कहा कि यह अधिक स्वचालित डिजाइन वाला एक अधिक सुरक्षित उपकरण है. प्रत्येक हार्डवेयर घटक को मैन्युअल रूप से सुरक्षित करने के बजाय, एल्गोरिद्म प्रक्रिया को स्वचालित करता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >