बाल अपराधियों के पुनर्वास के लिए खुला प्रशिक्षण केंद्र

मगरा दीघसुई के एक आवासीय होम ने उन बच्चों को मुख्य धारा में वापस लाने और भविष्य में कुछ करने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की है, जो बचपन में अपराध में शामिल हो गये थे.

हुगली. मगरा दीघसुई के एक आवासीय होम ने उन बच्चों को मुख्य धारा में वापस लाने और भविष्य में कुछ करने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की है, जो बचपन में अपराध में शामिल हो गये थे. यह प्रशिक्षण राज्य बाल संरक्षण समिति के सहयोग से दिया जायेगा. बच्चों को जूट बैग, राखी समेत विभिन्न प्रकार की चीजों को बनाने का तरीका सिखाया जायेगा. केंद्र का औपचारिक उद्घाटन राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष तुलिका दास ने किया. मौके पर अनन्या चक्रवर्ती भी उपस्थित रहीं. अध्यक्ष ने कहा कि यह एक उचित पहल है. पश्चिम बंगाल बाल संरक्षण अधिकार आयोग इस प्रयास में है कि सभी बच्चों का बचपन सुरक्षित हो. होम के संचालक सौमेन प्रमाणिक ने कहा कि राज्य में पहली बार ऐसा हो रहा है. मौके पर आवासीय बच्चों ने पर्यावरण जागरूकता पर नृत्य-नाटक प्रस्तुत किया. कार्यक्रम शुरू होने से पहले पौधरोपण भी किया गया.

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