बलरामपुर में शांतिराम की बदौलत है शांति : अभिषेक

कहा कि भाजपा नेता बस झूठ व दुष्प्रचार की राजनीति करके जनता को भरमा रहे हैं. अपने प्रत्याशी का हाथ उठा कर अभिषेक ने दावा किया कि कभी नक्सल प्रभावित रहे बलरामपुर में आज शांति पसरी है, तो इसके पीछे शांतिराम महतो और तृणमूल कांग्रेस है.

पुरुलिया. मंगलवार को राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व डायमंड हार्बर से निवर्तमान सांसद अभिषेक बनर्जी ने पुरुलिया संसदीय सीट से अपने उम्मीदवार शांतिराम महतो के समर्थन में यहां बलरामपुर कॉलेज मैदान में चुनावी सभा की. सभा के मंच से केंद्र की भाजपा सरकार पर जम कर बरसे. कहा कि भाजपा नेता बस झूठ व दुष्प्रचार की राजनीति करके जनता को भरमा रहे हैं. अपने प्रत्याशी का हाथ उठा कर अभिषेक ने दावा किया कि कभी नक्सल प्रभावित रहे बलरामपुर में आज शांति पसरी है, तो इसके पीछे शांतिराम महतो और तृणमूल कांग्रेस है. सभा के मंच पर राज्य की मंत्री व विधायक संध्या रानी टुडू भी थीं. अभिषेक ने अपील की कि भाजपा के नेता व कार्यकर्ता जब आपसे वोट मांगने आयें, तो उनसे किये गये कामकाज का हिसाब मांगें. उन्हें पकड़ कर यह पूछें कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में 100 दिनों के काम की मनरेगा और आवास योजना के रुपये क्यों अटका रखे हैं? भाजपा के जन-प्रतिनिधि को रिपोर्ट कार्ड दिखाने को कहें. यदि वह तैयार हो जाये, तो तृणमूल भी बीते 13 वर्षों के अपने शासनकाल का रिपोर्ट कार्ड भेजेगी. दोनों रिपोर्ट कार्ड का मेल करा कर देखने पर सब ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जायेगा. पता चल जायेगा कि किसने विकास व तरक्की के लिए कितना व क्या-क्या किया है. अभिषेक ने दावा किया कि 2018 के बाद से केंद्र की भाजपा सरकार ने आवास योजना के लिए पश्चिम बंगाल को एक भी रुपया नहीं भेजा है. कोई दस्तावेज दिखा कर केंद्र, बंगाल को रुपये भेजने की बात साबित कर दे, तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे. तृणमूल के दूसरे नंबर के नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के छोटे से लेकर बड़े नेता तक बस झूठ व अफवाह फैला कर जनता को भरमाते हैं. जिस तरह से उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में महिलाओं पर जुल्म की कहानी गढ़ी गयी, उसकी पोल भाजपा के ही नेता के वीडियो से खुल गयी है. कुछ भाजपा नेताओं ने भी माना है कि रुपये देकर यह सारा नाटर रचा गया. अभिषेक ने जोर दिया कि भाजपा या किसी में भी लक्ष्मीभंडार योजना को रोकने की हिम्मत नहीं है. अभिषेक ने बताया कि बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2011 में शांतिराम महतो विधायक चुने गये थे. उसके बाद से यहां शांति बहाल हुई. उसके पहले यह क्षेत्र माओवादियों से बुरी तरह प्रभावित था. उसके पहले वर्ष 2018 में यहां त्रिलोचन महतो व दुलाल कुमार नामक कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गयी थी. इसमें भाजपा ने तृणमूल पर अंगुली उठायी थी. अभिषेक ने जोर देकर कहा कि फिर से माकपा की हर्मदवाहिनी यहां जुल्म ढाने लगी है. उससे मुक्ति के लिए शांतिराम महतो को जिता कर संसद में भेजना चाहिए,

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