अयोग्य अभ्यर्थियों के लिए बनाये गये थे जाली अनुशंसा पत्र

शिक्षक नियुक्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) धनशोधन पहलू की जांच कर रहा है. सूत्रों के अनुसार, जांच में इडी को नये तथ्य भी मिले हैं. बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी को पता चला है कि स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) के पैनल के लिए कैसे अयोग्य अभ्यर्थियों के नामों की अनुशंसा की गयी और नियुक्ति पत्र दिया गया. इडी ने इस बारे में अदालत में भी एक रिपोर्ट पेश की है.

कोलकाता.

शिक्षक नियुक्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) धनशोधन पहलू की जांच कर रहा है. सूत्रों के अनुसार, जांच में इडी को नये तथ्य भी मिले हैं. बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी को पता चला है कि स्कूल सर्विस कमीशन (एसएससी) के पैनल के लिए कैसे अयोग्य अभ्यर्थियों के नामों की अनुशंसा की गयी और नियुक्ति पत्र दिया गया. इडी ने इस बारे में अदालत में भी एक रिपोर्ट पेश की है.

इडी की ओर से आरोप लगाया गया है कि अवैध नियुक्तियों के मामले में इमेल के जरिये एक से दूसरे विभाग में समन्वय किया जाता था और एसएससी में पैनल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी करीब 183 अयोग्य अभ्यर्थियों को नौकरी दी गयी थी. उस नियुक्तियों के लिए घोटाले में शामिल आरोपियों द्वारा अयोग्य अभ्यर्थियों के लिए जाली अनुशंसा पत्र भी बनाये गये थे. इस फर्जी अनुशंसा पत्रों को बनाये जाने का आरोप एसएससी के एक अस्थायी कर्मचारी पर है. एसएससी सलाहकार समिति के पूर्व प्रमुख व मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी शांतिप्रसाद सिन्हा पर आरोप है कि उसके कहने पर उक्त अस्थायी कर्मचारी ने उपरोक्त कार्य किया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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