Bangladesh Protest : बांग्लादेश में हिंसा की घटना को लेकर राज्य सरकार चिंतित

Bangladesh Protest : मंत्रालय ने कहा बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग भारतीय नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबद्ध अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं. मंत्रालय ने कहा कि अब तक 778 भारतीय छात्र विभिन्न भूमि पारगमन बिंदुओं के जरिये भारत लौटे हैं.

Bangladesh Protest : आरक्षण के खिलाफ छात्र आंदोलन की आग पूरे बांग्लादेश (Bangladesh) में फैल गयी है. वहां समय के साथ हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार भी पड़ोसी देश के इस उग्र हालात से चिंतित है, क्योंकि बंगाल के कई निवासी और छात्र बांग्लादेश में फंसे हुए हैं. इसे लेकर राज्य सचिवालय नबान्न भवन के उच्च अधिकारियों नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया है. इस संबंध में पश्चिम बंगाल के आवासीय आयुक्त को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं.

बंगाल के कुल कितने लोग व छात्र बांग्लादेश में फंसे

शनिवार को राज्य सचिवालय की ओर से दिल्ली में राज्य के आवासीय आयुक्त को फोन किया गया. इसमें इस बात की विस्तृत जानकारी लेने को कहा गया है कि बंगाल के कुल कितने लोग व छात्र वहां फंसे हुए हैं. उनकी स्थिति क्या है. आवासीय आयुक्त को गृह मंत्रालय के साथ सभी प्रकार के समन्वय करने की जिम्मेदारी दी गयी है. बताया गया है कि इस घटना को लेकर राज्य सचिवालय पूरी तरह सतर्क है और अपने लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर प्रकार की मदद के लिए तैयार है.

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हिंसा प्रभावित बांग्लादेश से 778 भारतीय छात्र स्वदेश लौटे

बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ हिंसा भड़कने के बाद, कुल 778 भारतीय छात्र इस पड़ोसी देश से लगी विभिन्न भूमि पारगमन बिंदुओं के जरिये स्वदेश लौटे हैं. विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी. मंत्रालय ने कहा बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग भारतीय नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबद्ध अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं. मंत्रालय ने कहा कि अब तक 778 भारतीय छात्र विभिन्न भूमि पारगमन बिंदुओं के जरिये भारत लौटे हैं. इसके अलावा, लगभग 200 छात्र ढाका और चटगांव हवाई अड्डों के जरिये नियमित उड़ान सेवाओं के जरिये स्वदेश लौटे हैं. बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी छात्र मांग कर रहे हैं कि शेख हसीना सरकार विवादास्पद नौकरी-कोटा प्रणाली को खत्म करे.

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By Shinki singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.
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