North Bengal Weather Forecast: उत्तर बंगाल के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में एक बार फिर मानसून कहर ढाने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर में 20 सेंटीमीटर तक बारिश के साथ-साथ आसमानी बिजली गिरने की भी आशंका जतायी है. मौसम विभाग ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) को बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत होकर वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया (Well-marked low pressure area) में तब्दील हो गया है. इस मौसमी तंत्र (Weather System) के प्रभाव से उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में 18 से 20 जुलाई तक अत्यंत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है.
कहां कितनी हुई बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में उत्तर बंगाल के अलीपुरदुआर जिले में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गयी.
| स्थान का नाम | जिला का नाम | वर्षापात |
| बक्साद्वार | अलीपुरदुआर | 80 मिलीमीटर |
| बीच टी गार्डन | अलीपुरद्वार | 70 मिलीमीटर |
| चंपासारी | दार्जिलिंग | 60 मिलीमीटर |
ये भी पढ़ें: कल का मौसम : वेल-मार्क्ड लो प्रेशर में बदला निम्न दबाव 17 को कई जिलों में मूसलाधार वर्षा का अलर्ट
तिथिवार मौसम का पूर्वानुमान
- 17 जुलाई 2026 : उत्तर बंगाल के अधिकांश जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश (07-11 सेमी) की संभावना है. साथ ही पूरे उत्तर बंगाल में आकाशीय बिजली चमकने (Thunderstorm & Lightning) की चेतावनी दी गयी है.
- 18 जुलाई 2026 (बारिश में तेजी): जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर जिलों में एक या दो स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (07-20 सेमी) हो सकती है. दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कूचबिहार जिलों में भारी बारिश (07-11 सेमी) होने का अनुमान है.
- 19 और 20 जुलाई 2026 के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट : इन दो दिनों में उत्तर बंगाल के 5 प्रमुख जिलों जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, कलिम्पोंग, कूचबिहार और दार्जिलिंग में एक या दो स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा (12-20 सेमी) होने का अलर्ट जारी किया गया है.
ये भी पढ़ें: बंगाल का मौसम : दार्जिलिंग में हुई झमाझम वर्षा, बागडोगरा रहा सबसे गर्म, जानें कोलकाता सहित अपने शहर का हाल
संभावित प्रभाव और मौसम विभाग की सलाह
- पहाड़ों में खतरा : मूसलाधार बारिश के चलते दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के पहाड़ी रास्तों पर भू-स्खलन (Landslides) और मिट्टी धंसने की आशंका है.
- जलभराव : मैदानी इलाकों के निचले हिस्सों और तराई क्षेत्रों में नदियां उफान पर आ सकती हैं, जिससे अस्थायी जलजमाव हो सकता है.
- सुरक्षा निर्देश : खराब मौसम और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लें, पेड़ों व बिजली के खंभों के पास खड़े न हों. पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें.
ये भी पढ़ें: दक्षिण बंगाल के बांकुड़ा और पश्चिम बर्धमान में जमकर बरसा मानसून, जानें कहां कितनी वर्षा हुई
