हाथियों की सुरक्षा के लिए युवा समाजसेवियों ने की आवाज बुलंद

सिलीगुड़ी. ट्रेनों से कट कर बार-बार हाथियों का मौत होने के विरूद्ध और उनकी सुरक्षा हेतु अब युवा समाजसेवियों ने आवाज बुलंद शुरू कर दी है. यह आवाज उठायी है वन्य-प्राणी संगठन आइएलडी प्लानेटर्स के युवा कार्यकर्ताओं ने. शनिवार को आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान संगठन के महासचिव कस्तव चौधरी ने रेल और वन विभाग को […]

सिलीगुड़ी. ट्रेनों से कट कर बार-बार हाथियों का मौत होने के विरूद्ध और उनकी सुरक्षा हेतु अब युवा समाजसेवियों ने आवाज बुलंद शुरू कर दी है. यह आवाज उठायी है वन्य-प्राणी संगठन आइएलडी प्लानेटर्स के युवा कार्यकर्ताओं ने. शनिवार को आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान संगठन के महासचिव कस्तव चौधरी ने रेल और वन विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि हाथियों के संरक्षण हेतु जल्द उचित कदम उठाये अन्यथा हमें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

उन्होंने बताया कि दो दिन पहले नक्सबाड़ी में जिस जगह ट्रेन से कटकर एक हाथी की मौत हुई वह इलाका हाथियों के आनेजाने का कॉरिडोर है. किरण चंद्र से लेकर केस्टोपुर चाय बागान के बीच का दो किमी का इलाके को ही हाथी कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल करते हैं. इसकी जानकारी रेल विभाग को अबतक नहीं है. इस रेल पथ में ट्रेने 90 से भी अधिक किमी की रफ्तार से दौड़ती है.

और एक हाथी की मौत
बीती रात को नक्सलबाड़ी में और एक हाथी की दर्दनाक मौत हो गयी. यह हादसा मोरव्यू चाय बागान में घटित हुई है. मिली जानकारी के अनुसार हाथियों का एक झुंड बागान के रास्ते जंगल में जा रहा था. तभी एक अढ़ाई वर्षीय शावक हाथी बागान के नाले में गिर गया. संगी हाथियों ने उसे निकालने की काफी कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके और शावक हाथी की मिट्टी में दबकर मौत हो गयी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >