युवा निर्देशक सौम्यजीत चौधरी ने मालदा का बढ़ाया मान
मालदा.लघु एनिमेशन फिल्म में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्त कर मालदा के युवा निर्देशक सौम्यजीत चौधरी(34) ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है. 12 मिनट 28 सेकेंड की क्लिक 2017 नामक फिल्म के लिये सौम्यजीत चौधरी को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उनकी जो कहानी है उसके अनुसार पूरे देश में […]
मालदा.लघु एनिमेशन फिल्म में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्राप्त कर मालदा के युवा निर्देशक सौम्यजीत चौधरी(34) ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है. 12 मिनट 28 सेकेंड की क्लिक 2017 नामक फिल्म के लिये सौम्यजीत चौधरी को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उनकी जो कहानी है उसके अनुसार पूरे देश में जब हिंसा व द्वेष का वातावरण है और एक रूसी फोटोग्राफर इससे काफी हताश है. मालदा के सौम्यजीत चौधरी ने उस रूसी फोटोग्राफर का भरोसा वापस पाने की कहानी को दर्शाया है. युद्ध की वजह से उस फोटोग्राफर को कई वर्षों तक देश से बाहर रहना पड़ा था. भयावह दृश्य देखकर फोटोग्राफर हताश हो गया था.
एक बच्ची ने उसका विश्वास फिर से वापस लौटाया. सौम्यजीत चौधरी ने उसी कहानी के पर एक एनिमेशन फिल्म बनायी. सौम्यजीत ने वर्ष 1999 में माध्यमिक की परीक्षा पास की. उच्च माध्यमिक पास करने के बाद वह टेक्नोलॉजी में स्नातक करने बेंगलुरू चले गये.हालांकि पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वह मुंबई गये और वहां एनिमेशन का काम सीखने लगे. उसके बाद वह फिर बेंगलुरू लौट आये.
यहीं देवलीना से उनकी जान पहचान हुई. बाद में दोनों परिणय सूत्र में बंधे. सौम्यजीत ने बताया कि एनिमेशन के अलावा रूद्रनील घोष एवं रजताभ दत्त अभिनीत ‘के’ सिनेमा में भी उन लोगों ने काम किया है. इसके अतिरिक्त न्यूजीलैंड, श्रीलंका, फ्रांस, अमेरिका व विश्व के अन्य देशों में भी उन्होंने काम किया है.
