बालूरघाट : सड़क बनाने के नाम पर तालाब पर कब्जा कर लेने का आरोप खुद नगरपालिका पर लगा है. बालूरघाट नगरपालिका की भूमिका के खिलाफ इलाके के लोगों ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है. वहीं नगरपालिका के चेयरमैन राजेन शील का कहना है कि तालाब पर कब्जा नहीं किया गया है, बल्कि उसके किनारे मिट्टी गिराकर सड़क को चौड़ा किया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक बालूरघाट शहर के 19 नंबर वार्ड के खादिमपुर षष्ठीतला इलाके में ब्राह्मणी पुष्करणी नाम का एक तालाब है. इस तालाब के बगल से पक्की सड़क जाती है. आरोप है कि सड़क को चौड़ा करने के नाम पर तालाब के एक हिस्से में मिट्टी भरकर उसकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है. इलाके के लोगों ने इसके विरोध में दक्षिण दिनाजपुर जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है.
स्थानीय निवासी सुप्रिय राय, रूद्रनील राय, जयदेव कुमार पोद्दार ने कहा कि सरकारी कानून के मुताबिक किसी भी तालाब को नष्ट करना या भरना गैर कानूनी है. लेकिन बालूरघाट नगरपालिका खुद उक्त तालाब को भर रही है.
उन्होंने कहा कि इस तालाब के खत्म हो जाने से इलाके के लोगों के लिए कई तरह के संकट हो सकते हैं. अगर कभी इलाके में बड़ा अग्निकांड हुआ तो उसे बुझाने के लिए तालाब में पानी नहीं रहेगा. इसके अलावा अभी बारिश के समय इलाके का पूरा पानी उस तालाब में चला जाता है, जिसकी वजह से जल भराव की समस्या नहीं होती है. तालाब के नहीं रहने पर इलाके में भूगर्भ जल स्तर भी नीचे जाने की आशंका है. इसे देखते हुए हमलोगों ने लिखित रूप से जिला प्रशासन और ब्लॉक के भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के पास लिखित शिकायत दर्ज करायी है. इसके बावजूद तालाब को भरने का काम जारी है.
