मालदा : तृणमूल कांग्रेस के जनाधार में लगातार तेजी से कमी हो रही है. यही वजह है कि यह पार्टी विरोधियों को जोर-जबरदस्ती अपनी पार्टी में शामिल कर रही है. जोर-जबरदस्ती की राजनीति ज्यादा दिनों तक नहीं चलती और जो लोग यह हथकंडा अपनाते हैं, उनको पार्टी ही बाद में दरकिनार कर देती है. कुछ इसी अंदाज में भाजपा नेता रितेश तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोला.
श्री तिवारी पंचायत चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने मालदा आये हुए हैं. उन्होंने इसी दौरान संवाददाताओं से बातचीत की. श्री तिवारी ने कहा कि जोर-जबरदस्ती पार्टी में शामिल करने की नीति तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुकुल राय ने की. अब पाटी के अंदर उनकी कोई पूछ नहीं है. तृणमूल के अन्य नेताओं को भी यह बात समझ में आ जानी चाहिए. श्री तिवारी ने सारधा तथा नारदा मामले को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी दो दिनों पहले ही मालदा दौरे पर आयी थीं.
उन्होंने एक तृणमूल नेता की गिरफ्तारी पर एक लाख भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी की धमकी दी. मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि आखिर वह किस आधार पर भाजपा नेताओं को गिरफ्तार करने की धमकी दे रही हैं. सारधा और नारदा घोटाले तृणमूल नेताओं ने किये हैं. सीबीआइ मामले की जांच कर रही है और तृणमूल नेता गिरफ्तार हो रहे हैं. इन दोनों मामलों की जांच अदालत के निर्देश पर सीबीआइ कर रही है.
अगर दोषी गिरफ्तार होते हैं तो इसमें आश्चर्य जैसा कुछ नहीं है. पंचायत चुनाव के संबंध में श्री तिवारी ने कहा कि यदि निष्पक्ष चुनाव हो तो तृणमूल का धाराशायी होना तय है. उन्होंने पुलिस तथा प्रशासन से निष्पक्ष होकर काम करने की भी अपील की.
