सिलीगुड़ी से बरामद हुई दिसंबर से गायब किशोरी

जलपाईगुड़ी : शिशु और किशोरियों की तस्करी आदि जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने मानवीय रूख अपनाने का निर्णय लिया है. अब गरीब बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी पुलिस संभालेगी. यदि कोइ गरीब मां-बाप अपने बच्चों को नहीं पढ़ा लिखा पा रहे हैं तो पुलिस को इसकी जानकारी दें,पुलिस उनकी मदद करेगी. पुलिस […]

जलपाईगुड़ी : शिशु और किशोरियों की तस्करी आदि जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने मानवीय रूख अपनाने का निर्णय लिया है. अब गरीब बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी पुलिस संभालेगी. यदि कोइ गरीब मां-बाप अपने बच्चों को नहीं पढ़ा लिखा पा रहे हैं तो पुलिस को इसकी जानकारी दें,पुलिस उनकी मदद करेगी. पुलिस वाले आपस में चंदा कर बच्चे की मदद करेंगे. शनिवार को सिलीगुड़ी के निकट ज्योतिनगर से एक एक नबालिका को बरामद करने के बाद यह बातें पुलिस ने कही.

वह बच्ची गरीब होने की वजह से ज्योतिनगर के एक परिवार के यहां नौकरानी का काम कर रही थी.उस किशोरी का घर राजगंज थाना इलाके में है. 14 वर्षीय किशोरी अपने परिवार की गरीबी से परेशान होकर भाग आयी थी और सिलीगुड़ी में नौकरानी का काम कर रही थी. परिवार वालों ने थाने में बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज करायी थी. जिला पुलिस अधीक्षक अमिताभ माइती ने बताया कि थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और किशोरी के पड़ोसी विश्व बर्मन को गिरफ्तार कर लिया.हांलाकि पुलिस को उससे कोई ठोस सुराग हासिल नहीं हुआ किशोरी के पिता धनवीर विश्वास ने बेटी के अपहरण संबंधी शिकायत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक से की थी.

पुलिस ने किशोरी की तालाश में कई स्थानों पर छापामारी की. यहां तक कि इस इलाके के रेड लाइट क्षेत्र में भी तालाशी ली गयी. उसके बाद भी उसकी बरामदगी नहीं हो सकी. मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने की वजह से पुलिस अधिकारियों पर दबाव भी काफी था. इस मामले के जांच अधिकारी को भी बदल दिया गया. राजगंज थाना के ओसी सैकत भद्र को जांच की जिम्मेदारी दी गयी.

लड़की के गायब होने का यह मामला पिछले साल 25 दिसंबर का है.इसबीच,नये जांच अधिकारी ने एक बार फिर से किशोरी की तालाश शुरू की. आखिरकार किशोरी को सिलीगुड़ी से बरामद कर लिया गया.वह यहां घरेलु काम करती थी. उसने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार वालों के अत्याचार से परेशान होकर स्वयं भाग गयी थी. किसी ने उसका अपहरण नहीं किया है.उसने अपने ही पिता और भाइ पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया.

पुलिस अधीक्षक अमिताभ माइती ने बताया कि किशोरी को कल रविवार को अदालत में पेश किया जायेगा.इसके अलावा उसक परिवार वालों को भी थाना बुलाकर कड़ी चेतावनी दी जायेगी.यदि परिवार के लोग उसकी पढ़ाइ-लिखाइ और खाने पीने का खर्च नहीं उठा पाते तो पुलिस उनकी मदद करेगी.उन्होंने कहा कि जिले में अन्य स्थानों पर भी पुलिस इसी प्रकार से जरूरतमंदों की मदद करेगी.श्री माइती ने साफ कहा कि परिवारिक अत्याचार की वजह से ही किशोरी घर से भागने को मजबूर हुई.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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