गुरुकुलम ने आचार्य विष्णुकांत शास्त्री स्मृति सम्मान समरोह का आयोजन किया
हावड़ा. उत्तर हावड़ा में एक कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि जिस शख्स के नाम से यह सम्मान दिया जा रहा है, वे सिर्फ कोलकाता या हावड़ा के नहीं थे, बल्कि वे पूरे हिंदुस्तान के थे. आचार्य विष्णुकांत शास्त्री विद्वता, विनम्रता के लिए जाने जाते थे. वे सर्वश्रेष्ठ गुरु थे. उनके नाम से दिया जानेवाले इस सम्मान को देकर मैं अभिभूत हूं.
श्री त्रिपाठी भारतीय गुरुकुलम द्वारा आयोजित आचार्य विष्णुकांत शास्त्री स्मृति सम्मान में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षित करने का बड़ा दायित्व शिक्षकों पर है. शिक्षक ही समाज का निर्माण करता है और आचार्य शास्त्री इसके लिए ही प्रसिद्ध थे. राज्यपाल ने कहा कि मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है. एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में, एक रचनाकार के रूप में, एक वक्ता के रूप में और सबसे बड़ा एक मानव के रूप में मैने उन्हें देखा है.
कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य विष्णुकांत शास्त्री की तसवीर पर पुष्प अर्पण से शुरू हुई. इस मौके पर सुरेंद्रनाथ सांध्य काॅलेज, हिंदी विभाग के पूर्व प्राध्यापक डाॅ प्रेमशंकर त्रिपाठी को प्रशस्तिपत्र व नगद राशि देकर सम्मानित किया गया. मौके पर डा ऋषिकेश राय, प्रो डॉ राजश्री शुक्ला, सुरेंद्रनाथ काॅलेज के उर्दू विभाग की प्रो नुसरत जहां, रत्नाकर पांडे सहित कई विशिष्ट व्यक्ति उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन प्रकाश पांडे ने किया.
