मालदा कॉलेज में परीक्षा के नाम पर मजाक खूब हुई नकल साइकिल स्टैंड को भी बनाया परीक्षा केंद्र
मालदा : मालदा कॉलेज में परीक्षा के नाम पर जमकर धांधली हुई है. परीक्षा एक तरह से यहां शुक्रवार को मजाक बन कर रह गया. इतनी अधिक संख्या में परीक्षार्थी आये थे कि एक-एक बेंच पर पांच-पांच परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे. इतना ही नहीं, कॉलेज के बरामदे और साइकिल स्टैंड तक को परीक्षा केंद्र बना दिया गया. छात्र बरामदे में जमीन पर बैठकर कॉपियां लिख रहे थे. नकल भी जमकर होने की खबर है. कॉलेज प्रबंधन ने इस तरह की गड़बड़ी को मान लिया है और इसके लिए गौड़बंग विश्वविद्यालय को जिम्मेदार ठहराया है.
क्या है मामला : गौड़बंग विश्वविद्यालय के अधीन विभिन्न कॉलेजों में बुधवार से प्रथम तथा द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा शुरू हुई. परीक्षार्थियों की संख्या को लेकर पिछले कई दिनों से गौड़बंग विश्वविद्यालय प्रबंधन तथा कॉलेजों के बीच विवाद चल रहा है. कॉलेजों का कहना था कि इतनी अधिक संख्या में विद्यािर्थयों की परीक्षा नहीं ली जा सकती, क्योंकि ढांचागत सुविधाओं की कमी है.
इसे लेकर विश्वविद्यालय व कॉलेज प्रबंधन के बीच कई बार विवाद हुआ. गौड़बंग विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने तमाम समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन शुक्रवार को परीक्षा के दौरान जिस तरह से धांधली हुई, इससे साफ है कि समस्या जस के तस बनी हुई है. शुक्रवार बांग्ला भाषा की परीक्षा थी. कुल परीक्षार्थियों की संख्या चार हजार 372 है.
इतने विद्यार्थियों को मालदा कॉलेज में बैठाने की व्यवस्था नहीं है. इसी वजह से एक-एक बेंच पर पांच-पांच परीर्थी परीक्षा दे रहे थे. कॉलेज के साइकिल स्टैंड को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया. यहां भी बेंच आदि लगाये गये. उसके बाद भी सभी परीक्षार्थियों को बैठा पाना संभव नहीं था. उसके बाद काफी परीक्षार्थी कॉलेज के बरामदे में बैठकर परीक्षा देने लगे. जाहिर है सामूहिक नकल भी हुई.
एक बेंच पर पांच छात्र बैठेंगे, तो नकल तो होगी : कॉलेज के अधिकारी
कॉलेज के कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम सरकार का कहना है कि इतनी अधिक संख्या में परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था नहीं होने की जानकारी पहले ही गौड़बंग विश्वविद्यालय प्रबंधन को लिखित में दे दी गयी थी. तब यह भी बताया गया था कि कॉलेज में इतने परीक्षार्थियों से परीक्षा ले पाना संभव नहीं है.
उसके बाद भी विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उदासीनता बरती. श्री सरकार ने कहा कि वह परीक्षा के लिए जितनी व्यवस्था कर सकते थे, कर चुके हैं. परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गयी है. उन्होंने माना कि नकल हुई है. श्री सरकार ने कहा कि अगर पांच बच्चे एक बेंच पर बैठेंगे, तो नकल होगी ही.
