जलपाईगुड़ी. गोरूमारा राष्ट्रीय उद्यान में एक पर एक गैंडे की मौत के बाद पर्यावरण प्रेमियों का गुस्सा भड़का हुआ है. इन लोगों ने गोरूमारा वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ सहित कई बड़े वन अधिकारियों के तबादले की मांग की है. पर्यावरण तथा पशु प्रेमी संगठन जलपाईगुड़ी समाज ओ नदी बचाओ कमेटी के संरक्षण में आज इस मांग को लेकर यहां एक रैली भी निकाली और मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रकट किया गया. इनका कहना था कि वन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से शिकारियों ने दो गैंडे की हत्या कर दी.
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले गोरूमारा राष्ट्रीय उद्यान के गड़ाती बीट इलाके में दो गैंडे के शव बरामद हुए थे. इन गैंडों को मार कर जमीन में गाड़ दिया गया था. दोनों गैंडे के सींग गायब पाये गये. इसी से अनुमान लगाया जा रहा है कि वन्य प्राणियों के तस्करों ने गैंडों की हत्या की होगी. इतना ही नहीं, एक अन्य गैंडे के लापता होने की भी खबर है. राज्य के वन मंत्री बिनय कृष्ण बर्मन ने स्वयं इन बातों को माना है. इसके अलावा इस मामले की जांच के लिए कोलकाता से कई बड़े वन अधिकारी यहां आये हुए हैं. समाज ओ नदी बचाओ कमेटी के संयोजक संजीव चटर्जी का कहना है कि एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई शिकायत मिलने पर पूरे थाने के अधिकारी बदल दिये जाते हैं. कइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है. यहां भी वन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि अस्थायी वन कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है. बड़े अधिकारी एसी गाड़ियों में घुम रहे हैं. काम कुछ भी नहीं हो रहा है. मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित करने के लिए ही सोमवार को यह रैली निकाली गई है. इस रैली में शामिल एक महिला ममता चौधरी का कहना है कि दो गैंडों की हत्या की गई है. यह घटना काफी निंदनीय है. वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए कई प्रकार के कानून बनाये गये हैं. इसके बाद भी इस प्रकार की घटना घट रही है.
