मिट्टी की प्रकृति के अनुसार करें खेती, खूब होगी पैदावार

कृषि सचेतनता शिविर में मंत्री बाबुल ने की कृषकों से मिट्टी जांच कराने अपील... फसलों की बीमा कराने की दी सलाह जामुड़िया : केंद्र सरकार की कृषि एवं कृषकों के विकास से जुड़ी विभिन्न लाभकारी योजनाओं से कृषकों को अवगत कराने के मकसद से सोमवार को जामुड़िया बाजार स्थित मांगलिक भवन में कृषि सचेतनता शिविर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 25, 2017 8:04 AM

कृषि सचेतनता शिविर में मंत्री बाबुल ने की कृषकों से मिट्टी जांच कराने अपील

फसलों की बीमा कराने की दी सलाह

जामुड़िया : केंद्र सरकार की कृषि एवं कृषकों के विकास से जुड़ी विभिन्न लाभकारी योजनाओं से कृषकों को अवगत कराने के मकसद से सोमवार को जामुड़िया बाजार स्थित मांगलिक भवन में कृषि सचेतनता शिविर का आयोजन किया गया. इसमें केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री सह आसनसोल के सांसद बाबुल सुप्रियो, कृषि विभाग के अधिकारी दीपंकर गोराई, गुलाम जियाउद्दीन, मोनिका सिंह, भाजपा के जिला अध्यक्ष तापस राय, जिला उपाध्यक्ष सभापति सिंह, डॉ प्रमोद पाठक, संतोष सिंह, सुनील सिंह, कुश चटर्जी, लखन बाउरी, मृणाल घोष, राजीव बाउरी सह काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे.

बाबुल सुप्रियो ने शिविर में उपस्थित ब्लॉक एक ब्लॉक दो अंतर्गत 120 कृषकों को से अपील की कि वे खेत की मिट्टी की जांच कराये. इससे उन्हें पता चल पायेगा कि कौन सी फसल के लिये वह उपयुक्त है.

इससे किसानों को ज्यादा लाभ होगा. इसके मद्देनजर जामुड़िया के हिजलगोड़ा, जामुड़िया बाजार, चुरु लिया, सत्ताेड़ में शिविल लगेगा. वहां किसान आसानी से मिट्टी का जांच करवा पायेंगे.फसल बीमा योजना की जानकारी देते हुये कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण फसल नष्ट हो जाने पर किसान आर्थिक मजबूरी के कारण आत्महत्या कर लेते हैं. प्राकृतिक आपदा की मार से बचाने के लिये केंद्र सरकार फसल बीमा योजना को लेकर उनके साथ खड़ी है. उन्होंने किसानों को फसलों की बीमा कराने के लिये प्रेरित किया.

उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है. कृषि को विकसित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने इस तरह की योजनाएं लागू की हैं. आगामी 2022 तक लक्ष्य पूरा करने का निर्णय लिया गया है. उल्लेखनीय है कि जामुड़िया ब्लॉक में लगभग 24 हजार हेक्टेयर जमीन पर खेती होती है. जामुड़िया ब्लॉक दो में 10 हज़ार कृषक पांच हजार हेक्टेयर जमीन पर खेती करते हैं. उन्होंने मत्स्य कृषि को बढ़ावा देने के विषय में भी अपने विचार प्रस्तुत किये.