हिलकार्ट रोड पर लगा महाजाम
सिलीगुड़ी : लूटती भी जनता है और आंदोलन की वजह से रोजमर्रा की जिंदगी में पिसना भी उन्हें ही पड़ता है. विरोधी पक्ष हो या सत्ताधारी, उनके आंदोलन से परेशानी आम जनता को ही होती है. नारदा कांड में तृणमूल के 12 आरोपी नेता, मंत्री व सांसदों के खिलाफ सीबीआइ ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है.
इसके बाद पूरे राज्य में विरोधी पार्टियों ने सत्तारूढ़ तृणमूल सरकार के खिलाप आंदोलन छेड़ दिया है. राज्य के विभिन्न भागों में विरोध रैली, कानून तोड़ो आंदोलन आदि जारी है. सिलीगुड़ी में भी मंगलवार को यह आंदोलन हुआ.इसकी वजह से आमलोग परेशान हुए.वैसे भी सिलीगुड़ी शहर में जाम की समस्या गहराती जा रही है. मंगलवार को फॉरवार्ड ब्लॉक के कानून तोड़ो आंदोलन और माकपा की रैली से पूरा सिलीगुड़ी अस्त-ब्यस्त हो गया. आज सुबह से ही सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट की ओर से उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय (एनबीडीडी) के सामने भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. इतनी तादाद में पुलिस बल को देखकर शहर के आमलोग भी असमंजस में थे. दोपहर के समय दार्जिलिंग जिला फॉरवार्ड ब्लॉक ने एयरभ्यू मोड़ से हिलकर्ट रोड स्थित विवेकानंद भवन की ओर रैली निकाली. विवेकानंद भवन में ही सिलीगुड़ी महकमा शासक कार्यालय स्थित है. इस रैली की वजह से पूरे शहर की ट्राफिक व्यवस्था चरमरा गयी.
रैली निकलने के कुछ समय पहले ही एयरभ्यू मोड़ से मल्लागुड़ी की ओर जाने वाली सड़क पर ट्राफिक पुलिस ने वाहनों की आवाजाही रोक दी. थोड़ी ही देर में एयरभ्यू मोड़ से वेनस मोड़ तक वाहनों की लंबी कतार लग गयी. इधर, बीच के वाहनों को निवेदिता रोड की तरफ मोड़ दिया गया. जिसकी वजह से मल्लागुड़ी से वेनस मोड़ की ओर जाने वाली सड़क पर भी गाड़ियों का तांता लग गया है. कड़ी धूप की वजह से गाड़ियों में बैठे लोग उबल रहे थे.
जाम की समस्या गंभीर देखकर फॉरवार्ड ब्लॉक के आंदोलन के दौरान ट्राफिक पुलिस ने हिलकार्ट रोड के एक हिस्से से गाड़ियों को निकालने की कोशिश की लेकिन उल्टे फंस गये. एनबीएसटीसी और निजी बड़ी बसों की वजह से मामला और उलझ गया. आंदोलन के बाद ट्राफिक की स्थिति सामान्य करने में पुलिस को घंटो कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. घंटो बाद सिलीगुड़ी की ट्राफिक व्यवस्था में सुधार आया ही था कि शाम के पांच बजे माकपा की रैली निकाली.
इस रैली ने फिर से जाम की स्थिति पैदा कर दी. कड़ी धूप में मंगलवार को सिलीगुड़ी शहर जाम के साये में लिपटा रहा. कितने स्कूल बस, एंबुलेंस आज के जाम में घंटों फसे रहे. धूप की वजह से एक निजी स्कूल बस में सवार कई छोटे बच्चों की तबीय खराब हो गयी.
सिलीगुड़ी को पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार माना जाता है. शहर में दो सिलीगुड़ी जंक्शन और न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन, तेंजिग नोरगे सरकारी बस स्टैंड सहिच निजी बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड है. देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विश्व के विभिन्न भागों से हजारों की संख्या में पर्यटक सिलीगुड़ी से होकर दार्जिलिंग, सिक्किम व डुवार्स जाते हैं.
आज के भयंकर जाम ने पूरे सिलीगुड़ी की आवाजाही व्यवस्था को पलट कर रख दिया. फॉरवार्ड ब्लॉक और माकपा अधिकतम दो घंटे में अपना विरोध आंदोलन की झांकी पेश कर वापस लौट गयी, लेकिन सिलीगुड़ी के नागरिकों के साथ बाहर से शहर में आये लोगों को जाम से परेशान होना पड़ा. कोलकाता से सिलीगुड़ी के रास्ते पहाड़ भ्रमण को परिवार के साथ पहुंचे सोमनाथ चटर्जी ने बताया कि सारधा कांड हो नारदा ,कीमत तो आमलोग ही चुका रहे हैं. पहले पैसे की लूट हुयी और अब ऐसे आंदोलन की वजह से जनता ही पिस रही है. राजनीतिक पार्टी के नेता बस कुछ देर के लिये सड़क पर उतर कर वापस अपने महल में लौट जाते हैं.
