भारत-बांग्लादेश बॉर्डर को बाघा बॉर्डर में तब्दील करने की कवायद शुरू

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी से सटे भारत-बांग्लादेश बोर्डर के फूलबाड़ी को देश का अतिसंवेदनशील और विश्वविख्यात भारत-पाकिस्तान के बाघा बोर्डर के रूप में तब्दील करने की कवायद ममता सरकार ने शुरु कर दी है. इसके लिए गुरूवार को पर्यटन मंत्री गौतम देव ने फूलबाड़ी बोर्डर के जीरो प्वाइंट का मुआयना किया. साथ ही ममता के इस ड्रीम […]

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी से सटे भारत-बांग्लादेश बोर्डर के फूलबाड़ी को देश का अतिसंवेदनशील और विश्वविख्यात भारत-पाकिस्तान के बाघा बोर्डर के रूप में तब्दील करने की कवायद ममता सरकार ने शुरु कर दी है. इसके लिए गुरूवार को पर्यटन मंत्री गौतम देव ने फूलबाड़ी बोर्डर के जीरो प्वाइंट का मुआयना किया.

साथ ही ममता के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने के लिए श्री देव ने भारत सीमा पर मुश्तैद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बांग्लादेश सीमा की रक्षा पर तैनात बंगलादेश बोर्डर गार्ड के अधिकारियों के साथ मुलाकात कर विस्तृत रिपोर्ट ली. श्री देव का कहना है कि अगर ममता का यह ड्रीम प्रोजेक्ट सफल हुआ तो बाघा बोर्डर जैसी सुबह-शाम की अलौकिक झांकी फूलबाड़ी के बोर्डर पर भी देखने को मिलेगी.

उत्तरकन्या में समीक्षा बैठक भी हुई : सिलीगुड़ी के नजदीक फूलबाड़ी-कामरांगागुड़ी स्थित मिनी सचिवालय उत्तर कन्या में एक महत्त्वपूर्ण मीटिंग के दौरान पर्यटन मंत्री ने उत्तर बंग विकास परिषद की विकास परियोजनाओं का समीक्षा किया. मालूम हो कि श्री देव उत्तर बंग विकास परिषद के भी चेयरमैन हैं. इस दौरान उत्तर बंगाल विकास मंत्री रविंद्र नाथ घोष, परिषद सदस्य शांता छेत्री, डॉ हर्कबहादुर छेत्री के साथ ही पांच विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अबतक हुए विकास कार्यों का ब्योरा मंत्री को सौंपा. साथ ही नये परियाजनाओं का प्रस्ताव भी दिया. यह सभी विकास कार्यों को पूरा करने के लिए श्री देव ने उत्तर बंगाल विकाल मंत्रालय को निर्देश भी दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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