सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी कंचनजंघा स्टेडियम के नजदीक स्थित जजों के सरकारी क्वार्टरों ‘विचारक आवासन’ में रह रहे जजों के परिजन गंदा पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं. जजों के आठ परिवारों के तकरीबन आधा दर्जन सदस्य इन दिनों फूड प्वायजनिंग से पीड़ित हैं. पेयजल आपूर्ति करनेवाले पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचइ) विभाग पर बीते एक वर्ष से गंदे पानी की आपूर्ति करने का आरोप है. कई बार अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद आज तक उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी. मामला गंभीर रूप लेते देख अब सिलीगुड़ी के जज हरकत में आये हैं.
सप्ताह भर पहले ही आवासन में रहनेवाले एक मजिस्ट्रेट तारिक फिरदौस ने महकमा कानूनी परिसेवा कमिटी के चेयरमैन एवं अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश (फर्स्ट कोर्ट) अजय दास के पास मामला दायर किया. बुधवार को सिलीगुड़ी के फर्स्ट कोर्ट में मामले की सुनवाई करते हुए श्री दास ने संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं आवासन में रहनेवालों से जवाब तलब किया. श्री दास ने मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी के लिए टाल दी. उन्होंने अगली सुनवाई में संबंधित विभाग पीएचइ के इंजीनियर, अधिकारियों के अलावा डीएम, एसपी, सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस की कमिश्नर, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व सिलीगुड़ी बार एसोसिएशन के समस्त अधिवक्ता सदस्यों को भी मौजूद रहने का निर्देश दिया.
दार्जिलिंग जिला लीगल एड फोरम के सचिव सह अधिवक्ता अमित सरकार को मामले की तहकीकात करने का दायित्व सौंपा है और अगली सुनवाई में उन्हें विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया है. तहकीकात का दायित्व मिलने के साथ ही अमित सरकार ने जजों के आवास में पहुंचकर बिल्डिंग की छत पर लगी पानी टंकी की जांच-पड़ताल की. उन्होंने बताया कि पीएचइ की लापरवाही के वजह से ही आवासन में रहनेवाले परिवार फूड प्वायजनिंग भुगत रहे हैं. गंदे पानी की वजह से टंकी और छत का फर्श भी लाल हो चुका है.
