चिटफंड में मेयर ने पर्यटन मंत्री गौतम देव को लपेटा
सिलीगुड़ी. चिटफंड घोटाले में तणमूल कांग्रेस (तृकां) के सांसद तापस पाल, सुदीप्त बनर्जी जैसे सांसद के साथ ही कई मंत्री और पार्षद भी शामिल हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर सह माकपा विधायक अशोक भट्टाचार्य ने दावा करते हुए कहा है कि इन घोटालों ममता सरकार के पर्यटन मंत्री गौतम देव के अलावा सिलीगुड़ी नगर […]
मेयर ने तीनों पार्षदों का नाम लिए बैगर कहा कि जब सिलीगुड़ी-जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण (एसजेडीए) पर दो सौ करोड़ रूपये के आर्थिक घोटाला का खुलासा हुआ उस दौरान भी तीनों पार्षद निगम के तृकां बोर्ड में शामिल थे और एसजेडीए के भी बोर्ड सदस्य थे. तीनों पार्षदों ने एसजेडीए और निगम में कई घोटालों के मार्फत करोड़ों रूपये डकारे. साथ ही अचल संपत्ति भी बनायी.
श्री भट्टाचार्य ने यह अहम खुलासा कर तृकां के नेता-मंत्रियों को तब तेवर दिखाया है जब निगम की वाम बोर्ड को घेरने के लिए तृकां के पार्षद रणनीति बना रहे हैं. तृकां के पार्षद वाम बोर्ड की नाकामी और डेंगू की डंक झेल रही सिलीगुड़ी जैसे अहम मुद्दों पर कल यानी मंगलवार को निगम में मेयर पर हल्ला बोल करेंगे. साथ ही मेयर को कुरसी छोड़ने और 20 महीनों के कामकाज का श्वेत-पत्र जारी करने की मांग करेंगे. मेयर को प्रस्ताव देने से ठीक एक दिन पहले श्री भट्टाचार्य ने राजनैतिक दांव फेंक कर उल्टे तृकां को घेरने की कोशिश की है.
श्री भट्टाचार्य ने तृकां नेता-मंत्री और पार्षदों को नसीहत देते हुए कहा कि निगम पर जबरन दखल करने और वाम बोर्ड के विरूद्ध लड़ाई लड़ने से पहले अपना घर बचाने की चिंता करें.मेयर अशोक भट्टाचार्य ने दावा किया है कि ममता सरकार अपने काले कारनामे का श्वेत-पत्र जारी करे. श्री भट्टाचार्य ने तृकां पर तंज कसते हुए कहा कि मात्र छह सालों की मां-माटी-मानुष की ममता सरकार ने बंगाल में जो भ्रष्टाचार किया वो काम 34 वर्षों के वाम शासन में कभी नहीं हुआ. छह वर्षों की ममता सरकार ने विकास के नाम पर केवल लूट-खसोट की. बंगाल की भोली-भाली जनता को दोनों हाथों से लूटा गया. श्री भट्टाचार्य ने 34 वर्षों के वाम शासन में एक भी वामपंथी सांसद, मंत्री, विधायक या फिर नेता पर काला दाग नहीं लगा. उन्होंने कहा कि वाम शासन के दौरान ही वह 20 वर्षों तक राज्य के नगर विकास मंत्री थे. उन्हीं के कार्यकाल के दौरान सिलीगुड़ी का चहुमुखी विकास हुआ.
वहीं, मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी, उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आइटी पार्क, फुड पार्क, चाय बगानों व उद्योग का विकास, पर्यटन विकास, प्राकृतिक संपदा के संरक्षण का विकास, नदियों को बचाने के लिए महानंदा एक्शन प्लान जैसे विकास परियोजनाओं का वाम शासन में ही प्रस्ताव पास हो चुका था लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद ममता सरकार ने वाम शासन के उपरोक्त प्रस्तावों को फाइलों तक ही सिमित कर दिया गया. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि ऐसी बात नहीं है कि वर्तमान सरकार ने कोई काम नहीं किया है. खूब काम किया जैसे वाम शासन में हुए प्रशासनिक भवनों, सेतुओं समेत सभी सरकारी संपत्तियों का राजनैतिक रंगों में तब्दील, सारधा से नारदा तक लूट, त्रिफला (लाइट लैंप) घोटाला, सौ दिन रोजगार के नाम पर मननरेगा घोटाला, सरकारी नौकरी देने के नाम पर युवाओं से लूट, सामाजिक सुरक्षा देने के नाम पर गरीबों, विधवाओं, दिव्यांगों से लूट, राज्य में तृकां का सिंडीकेट राज, भू-माफिया गिरोह, जबरन दखल जैसे अनैतिक कार्यों का बढ़ावा मिला. साथ ही इन छह सालों में ममता सरकार ने सिलीगुड़ी महकमा के हाथीघिसा में एक हिंदी कॉलेज बना रही है जो तैयार होने से पहले ही विवादों में है. उक्त क्षेत्र के तृकां के एक वरिष्ठ नेता पर कॉलेज में नौकरी देने के नाम पर बेरोजगार 54 युवक-युवतियों से 1.50 करोड़ रूपये से भी अधिक की ठगी करने का आरोप हाल में ही लगा है.
