बैंक खुलने के बाद भी पैसे लेने में परेशानी, मारे-मारे फिर रहे लोग

सिलीगुड़ी/मालदा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1000 व 500 रुपये के नोट रद्द करने की घोषणा के बाद भले ही दो से तीन दिनों के अंदर स्थिति सामान्य होने का दावा किया हो, लेकिन सिलीगुड़ी सहित पूरे उत्तर बंगाल में बैंक खुलने के बाद भी आम लोगों में अपने नोट के रद्द होने का दहशत जारी […]

सिलीगुड़ी/मालदा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1000 व 500 रुपये के नोट रद्द करने की घोषणा के बाद भले ही दो से तीन दिनों के अंदर स्थिति सामान्य होने का दावा किया हो, लेकिन सिलीगुड़ी सहित पूरे उत्तर बंगाल में बैंक खुलने के बाद भी आम लोगों में अपने नोट के रद्द होने का दहशत जारी है. स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है.

बैंक ने हालांकि गुरुवार से ही काम करना शुरू कर दिया है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. पैसा रहते हुए भी आम लोग मारे-मारे फिर रहे हैं. आलम यह है कि साग-सब्जी खरीदने तक दूभर हो गया है. अस्पताल में मरीजों की चिकित्सा तक नहीं हो पा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नोटों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी, तो उन्होंने कहा था कि एक से दो दिनों के अंदर स्थिति सामान्य हो जायेगी, लेकिन स्थिति बिल्कुल उलट है. सिलीगुड़ी में तीसरे दिन भी सभी बैंकों के एटीएम काउंटर बंद हैं. बैंकों के साथ ही पोस्ट ऑफिसों में भी नोट बदलने तथा जमा करने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं. इलाहाबाद सहित कई बैंकों में पर्याप्त मात्रा में कैश उपलब्ध नहीं होने के कारण से काफी लोग निराश होकर लौट गये.

प्रधान नगर की रहनेवालीं गृहिणी मुस्कान साहा ने बताया है कि पिछले एक सप्ताह से वह मछली नहीं खरीद सकी हैं, क्योंकि उनके पास 100-100 के चार ही नोट थे. ये नोट भी सब्जी-भाजी खरीदने में खर्च हो गये हैं. आज भी वह काफी देर तक बैंक में लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन नंबर आते-आते ब्रांच बंद कर देने की घोषणा कर दी गयी. ऐसा नहीं है कि यह स्थिति सिर्फ बैंकों में ही हो रही है, पोस्ट ऑफिसों में भी कमोबेश यही हाल है. शुक्रवार को भी कई पोस्ट ऑफिसों में कैश नहीं आने की शिकायत आम लोगों ने की है.

धैर्य ने दिया जबाव, लाइन में लगे लोग आपस में िभड़े
सिलीगुड़ी के मुख्य डाकघर के सामने भी लाइन में लगे लोगों का धैर्य जवाब दे गया और आपस में ही भिड़ गये. पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों से भी इनकी नोक-झोंक हुई. हालांकि चीफ पोस्टमास्टर जनरल अरुणधति घोष ने स्थिति सामान्य होने का दावा किया है.
मालदा से भी इसी प्रकार की खबरें आ रही हैं. कालियाचक के एक सरकारी बैंक में ग्राहकों ने तोड़फोड़ भी की. आमलोगों का आरोप है कि न तो बैंकों में और न ही पोस्ट ऑफिसों में पैसे मिल रहे हैं. पोस्ट ऑफिसों में पैसे तो जमा लिये जा रहे हैं, लेकिन बदले में 100 रुपये या 500 और 2000 के नये नोट नहीं दिये जा रहे हैं. रिजर्व बैंक की ओर से मालदा में अभी भी सभी बैंकों को नये रुपये नहीं भेजे गये हैं. सिर्फ स्टेट बैंक तथा युनाइटेड बैंक में ही नये रुपये आये हैं. रिजर्व बैंक ने साफ-साफ बता दिया है कि अगले दो दिनों तक भी एटीएम के काउंटर बंद रहेंगे. शुक्रवार को मालदा शहर के थाना मोड़ इलाके में स्थित यूनाटेड बैंक के मुख्य शाखा में ग्राहकों की लंबी लाइन लगी हुई थी. पास ही स्थित एटीएम को बंद रखा गया था. शुक्रवार को तड़के माधवनगर के एक स्कूल शिक्षक पैसा निकालने के लिए यहां आये. उन्हें पैसे नहीं मिले. उन्होंने बताया कि पैसा रहते वह अपनी पिता की चिकित्सा नहीं करा रहे हैं. उनके 70 वर्षीय पिता हार्ट के मरीज हैं. इलाज के लिए उन्हें गुरुवार को ही कोलकाता ले जाना था.
उन्होंने हालांकि अपने घर में स्थित 1000 तथा 500 के नोट को जमा करा दिये हैं, लेकिन बदले में नये नोट नहीं मिलने से परेशानी हो रही है. इस तरह की स्थिति कई औरों के साथ भी है. बामनगोला थाना के पकुआ इलाके का एक डेंगू मरीज यहां के नर्सिंग होम में भरती हुआ था. उसे इलाज के लिए कोलकाता रेफर दिया गया है. पैसे के अभाव में परिजन नर्सिंग होम नहीं छोड़ पा रहे हैं.

शुक्रवार सुबह कालियाचक के बैंक ऑफ बड़ौदा ब्रांच में तोड़फोड़ की घटना घटी है. सुबह से ही पैसे जमा करने तथा निकालने के लिए लोगों की लंबी भीड़ थी. गेट खुलते ही लोग तेजी से अंदर घुसे. इस दौरान भगदड़ की वजह से कई लोग जमीन पर गिर गये. आक्रोशित लोगों ने दरवाजा तथा खिड़कियों पर लगी कांच को तोड़ दिया. पुलिस मौके पर पहुंची तथा स्थिति को नियंत्रित किया. बैंक मैनेजर जीतेंद्र प्रसाद ने कहा है कि 400 से अधिक लोग एक बार ब्रांच के अंदर आ गये थे. पुलिस को पहले से इसकी सूचना दी गयी थी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची. इधर, पैसा नहीं होने की वजह से पोस्ट ऑफिसों में भी ग्राहकों को पैसे नहीं दिये गये. पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों का कहना है कि स्टेट बैंक की ओर से ही पैसे नहीं दिये जा रहे हैं, तो वह आम लोगों को कहां से पैसे देंगे. यूनाइटेड बैंक के रिजनल मैनेजर अमरेंद्र कुमार राय ने बताया है कि एक-दो दिनों के अंदर ही स्थिति सामान्य होने की संभावना है. गुरुवार को उनके बैंकों में 40 करोड़ रुपये जमा हुए हैं. इधर, कॉपरेटिव बैंकों में भी रद्द नोटों को जमा लिया जा रहा है. मालदा के कॉपरेटिव बैंकों में चार करोड़ रुपये जमा हुए हैं.

फार्म की कालाबाजारी
सरकार ने रद्द नोट को बदले के लिए एक फार्म भरने की भी अनिवार्यता कर दी है. अब इस फार्म की कालाबाजारी हो रही है. विभिन्न बैंकों के सामने चाय व पान दुकानों में 10 से 20 रुपये में ये फार्म मिल रहे हैं. ऊपर से फार्म भरने के लिए भी ग्रामीण इलाकों के ग्राहक काफी परेशान हैं. इनका आरोप है कि बैंक कर्मचारी जब पैसे ही नहीं दे पा रहे हैं, तो वह फार्म भरने का समय कहां से देंगे.

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