यहां के लोगों में मेयर अशोक भट्टाचार्य के खिलाफ रोष है. मंगलवार को इलाके के लोगों ने मेयर की काफी आलोचना की. उल्लेखनीय है कि छह नंबर वार्ड का डांगीपाड़ा, कुरैशी मुहल्ला आदि काफी सकरा है. अवैध निर्माण भी काफी अधिक है. स्थानीय लोगों ने हाइ ड्रेन के उपर स्लैब डालकर घर, रसोइ घर आदि बनाकर कब्जे में कर लिया है. इस इलाके में जल निकासी की व्यवस्था है लेकिन नालों में कचरा जमा होने से जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से ठप है. इलाका वासियों का आरोप है कि ना तो वार्ड पार्षद तथा मेयर इलाके का हाल जानने आते है और ना ही सफाइ कर्मचारी ठीक से करते हैं. इलाके के करीब-करीब सभी नाले प्लास्टिक, कागज, घर से निकलने वाले कूड़ा करकट से भर गए हैं. इसकी वजह से गंदा पानी निकल नहीं पा रहा है, फलस्वरूप इलाके में दुर्गंध और मच्छर का प्रकोप बढ़ रहा है.
कालीपूजा के बाद से इलाके के करीब 20 लोगों को डेंगू हुआ है. इसके अतिरिक्त कइ लोग पहले से अस्पताल में भरती हैं. मंगलवार को एक निजी अस्पताल से इलाज करा कर आयाेडेंगू मरीज रूबेल खंदकार(26) ने बताया कि करीब एक सप्ताह अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा. ठीक होने के बाद आज ही उसे अस्पताल से छुट्टी मिली है. अन्य स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार एक ही परिवार के कुल पांच लोगों को डेंगू हो गया. इनके रूपम दास(25), जयश्री दास(28), सीमा दास(46), दीपीका दास(25), दीपक दास(32) है. इसमें रूपम का प्लेटलेट्स पैंसठ हजार के करीब हो गया था. इसके अतिरिक्त स्थानीय जॉनी घोष, मुन्ना खान सहित इलाके की कइ महिलाओं को भी डेंगू की शिकायत है. इनमें से अधिकांश ही निजी अस्पतालों व सिलीगुड़ी अस्पताल में भर्ती हैं. इलाका वासियों का कहना है कि मेयर वार्ड की परिस्थिति देखने तक नहीं आते हैं, उनके द्वारा नियुक्त वार्ड मास्टर गौतम गुहा भी सफाइ कार्य की अनदेखी कर रहे हैं. कर्मचारी कम होने का बहाना बनाकर बात को टाल देते हैं. निगम के कर्मचारियों से कहने पर वे लोग अलग से रूपये मांगते है. इलाका वासियों ने कहा कि अविलंब निगम की ओर से सफाइ व्यवस्था नहीं की गयी, और मेयर वार्ड वासियों का हाल-चाल पूछने नहीं आये तो उनके कार्यालय के सामने आंदोलन किया जायेगा.
