दार्जिलिंग. सारी हदें पार हो चुकी हैं और अब हम लोगों के पास सरकार को ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़क जाम और चक्का जाम करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. यह कहना है दार्जिलिंग, तराई, डुवार्स प्लांटेशन लेबर यूनियन के केंद्रीय महासचिव सूरज सुब्बा का. उन्होंने कहा कि अलकेमिस्ट ग्रुप के चाय श्रमिकों को पिछले पांच-छह महीने से मजदूरी नहीं मिली है.
श्रमिक कई दिनों से जिला अधिकारी के समक्ष भूख हड़ताल कर रहे हैं, पर कोई सुननेवाला नहीं है. श्री सुब्बा ने कहा कि अलकेमिस्ट ग्रुप के चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं के समाधान हेतु गत 21 जून को जिला प्रशासन ने बैठक बुलायी थी. इसमें जिला प्रशासन के अधिकारी और श्रमिक संगठनों के नेता शामिल थे, लेकिन बागान के अधिकारी नहीं आये.
बैठक में प्रशासन ने बागान मालिक एवं उसके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया था. लेकिन कुछ नहीं हुआ. उन्होंने कहाकि यदि ऐसी ही स्थिति रही तो उनकी यूनियन सड़क जाम से लेकर चक्का जाम तक करने पर मजबूर होगी.
