रिश्तेदार के झगड़े को सुलझाने में गयी काठ मिस्त्री की जान
सिलीगुड़ी: पारिवारिक झगड़े को सुलह कराना एक रिश्तेदार के लिए महंगा साबित हो गया. रिश्तेदार के झगड़े को सुलझाने में पेशे से काठ मिस्त्री दयाल पाल (28) की ही जान चली गयी. यह सनसनीखेज वारदात सिलीगुड़ी से सटे भक्तिनगर थाना क्षेत्र के आसीघर के तेलिपाड़ा में रविवार देर रात को घटित हुई. दयाल पाल की […]
सिलीगुड़ी: पारिवारिक झगड़े को सुलह कराना एक रिश्तेदार के लिए महंगा साबित हो गया. रिश्तेदार के झगड़े को सुलझाने में पेशे से काठ मिस्त्री दयाल पाल (28) की ही जान चली गयी. यह सनसनीखेज वारदात सिलीगुड़ी से सटे भक्तिनगर थाना क्षेत्र के आसीघर के तेलिपाड़ा में रविवार देर रात को घटित हुई. दयाल पाल की मां मालती व पत्नी चंपा पाल के अनुसार, वह पास में ही रहनेवाले अपने फूफा महादेव पाल के घर उनके पारिवारिक विवाद का सुलह कराने गया था.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महादेव के लड़के कार्तिक ने अपने ममरे भाई के शरीर पर धारदार हथियार से कई बार हमला कर गोद डाला. इस दौरान महादेव ने अपने लड़के को रोकने की कोशिश भी नहीं की. पड़ोसियों ने कार्तिक को खून से सने हथियार के साथ पकड़कर रात में ही आसीघर पुलिस चौकी के हवाले कर दिया, लेकिन महादेव मौका देख फरार हो गया. स्थानीय लोग ही खून से लथपथ अवस्था में बुरी तरह जख्मी दयाल को सिलीगुड़ी जिला अस्पताल ले गये, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.
अस्पताल में चिकित्सकों ने दयाल को मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने सोमवार को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर लाश परिजनों को सौंप दिया. दूसरी ओर, इस वारदात के बाद से ही इलाकेवासी काफी आक्रोशित हैं.
इस वारदात के विरोध में और फरार महादेव को भी जल्द गिरफ्तार करने की मांग को लेकर आसीघर पुलिस चौकी का घेराव किया. प्रदर्शनकारी सुकुमार साहा, बापी सरकार व अन्य का कहना है कि फरार महादेव को जल्द गिरफ्तार करना होगा. वहीं, कार्तिक को सख्त सजा देनी होगी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कार्तिक पेशेवर अपराधी है. वह हमेशा से ही असामाजिक क्रियाकलापों में लिप्त रहा है. उसकी समाज विरोधी कार्यों से इलाकेवासी काफी त्रस्त हैं. पुलिस का कहना है कि रात में ही हत्या का मामला दायर हुआ है. कार्तिक को रात में ही मौका-ए-वारदात से गिरफ्तार कर लिया गया. उसे आज जलपाईगुड़ी जिला अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उसकी जमानत अरजी खारिज कर दी और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. फिलहाल महादेव फरार है. जल्द ही वह भी सलाखों के पीछे होगा.