अड्डा ने इनलोगों के शिकायत के आधार पर बीएसआइडीएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिख कर उपभोक्ताओं की मांग के आधार पर पैसा भुगतान करने के लिये चार फरवरी, 2014 को पत्र भेजा. लेकिन पैसे का भुगतान अब तक नहीं हुआ. मामला ब्याज के प्रतिशत को लेकर अटका हुआ है. उपभोक्ता 18 प्रतिशत ब्याज दर से पैसे की मांग कर रहे है और बीएसआइडीएल आठ प्रतिशत की दर से ब्याज सहित किश्तों में पैसा वापस लौटाने की बात कह रही है. गुरु वार को इसी मुददे को लेकर उपभोक्ता श्रृष्टिनगर गये. प्रबंधन के साथ आशानुरुप बातचीत न होने पर उपभोक्ताओं ने सेन्ट्रम मॉल को खाली कराकर ताला जड़ दिया.
राशि वापसी के मुद्दे पर बीएसआइडीएल से उपभोक्ताओं की नाराजगी
आसनसोल. बंगाल श्रृष्टि इनफास्ट्रर डेवलपमेंट लिमिटेड (बीएसआइडीएल) द्वारा निर्धारित समय पर उपभोक्ता को आवासीय बंगला आवंटन नहीं कर पाने तथा उपभोक्ता द्वारा ब्याज सहित राशि वापसी मांगे जाने के मुद्दे को लेकर उपभोक्ताओं ने श्रृष्टिनगर में स्थित सेन्ट्रम मॉल को खाली कराकर ताला जड़ दिया. बोरो चेयरमैन अनिमेष दास और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर […]

आसनसोल. बंगाल श्रृष्टि इनफास्ट्रर डेवलपमेंट लिमिटेड (बीएसआइडीएल) द्वारा निर्धारित समय पर उपभोक्ता को आवासीय बंगला आवंटन नहीं कर पाने तथा उपभोक्ता द्वारा ब्याज सहित राशि वापसी मांगे जाने के मुद्दे को लेकर उपभोक्ताओं ने श्रृष्टिनगर में स्थित सेन्ट्रम मॉल को खाली कराकर ताला जड़ दिया. बोरो चेयरमैन अनिमेष दास और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंच कर मामला को शांत कर मॉल को खुलवाया.
बीएसआइडीएल के एसोसियेट उपाध्यक्ष अभिजीत बसू ने कहा कि घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज करायी गयी है. स्थानीय रीना चट्टोपाध्याय, कल्लोल चट्टोपाध्याय, आर मोहम्मद, हीना तबस्सुम आदि ने बंगाल श्रृष्टिनगर में आवासीय बंगला के लिये वर्ष 2011 में राशि का भुगतान किया था. 14 सितंबर, 2011 तक निर्धारित समय पर बंगला न मिलने पर इनलोगों ने राशि वापसी की मांग की. इधर उपभोक्ताओं का आरोप है कि राशि वापस मांगे जाने पर लंबे समय से टाल बहाना चलता रहा. जिसके उपरांत उनलोगों ने अड्डा में शिकायत की.
काफी देर तक ताला बंद रहने के उपरांत बोरो चेयरमैन श्री दास और पुलिस पहुंचकर मामला शांत कर मॉल को खुलवाया. बीएसआईडीएल के एसोसियेट उपाध्यक्ष श्री बासू ने बताया कि उनके प्रोसपेक्टस में आठ प्रतिशत व्याज के दर से पैसा वापस करने का प्रावधान है.