कूचबिहार: हल्दीबाड़ी और चिलाहाटी के बीच रेल संपर्क स्थापित होने की संभावना नजर आने के बाद दिनहाटा के गितालदह और बांग्लादेश के मुगलहाट स्टेशनों के बीच भी रेल संपर्क स्थापित करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनहाटा-मुगलहाट लाइन फिर से चालू होने से कूचबिहार से कोलकाता जाना काफी आसान हो जायेगा. यात्रियों का काफी समय बचेगा. एक समय था जब दोनों स्टेशनों के बीच रेल संपर्क था, लेकिन बाद में यह बंद हो गया. इससे कूचबिहार के लोगों को कोलकाता आने-जाने में बहुत समय खर्च करना पड़ता है.
रेलवे सूत्रों ने बताया कि कूचबिहार राजा के जमाने में कूचबिहार से कोलकाता के बीच ट्रेनें दिनहाटा के सीमांत स्टेशन गितालदह और बांग्लादेश के मुगलहाट से होकर जाया करती थीं. दिनहाटा महकमा का गितालदह भारतीय सीमा पर स्थित आखिरी स्टेशन था. धरला नदी के उस पर बांग्लादेश के लालमणिरहाट जिले का मुगलहाट स्टेशन था. इसी मार्ग से कूचबिहार राज्य के लोग कूचबिहार और कोलकाता के बीच आना-जाना करते थे. आजादी के बाद सन 1955 में उक्त मार्ग से यात्री ट्रेनों का आवागमन बंद हो गया. कुछ समय बाद मालगाड़ियों का परिचालन भी बंद हो गया. इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद हुए बरसों बीत चुके हैं, लेकिन धरला नदी पर ऐतिहासिक रेल पुल आज भी मौजूद है.
कई साल पहले लोहे से बने इस रेल पुल को रेलवे ने नीलाम कर दिया था. लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते पुल को नीलामी में खरीदनेवाली संस्था आज भी इसे खोल नहीं पायी है.
स्थानीय लोगों की मांग है कि गितालदह-मुगलहाटा होते हुए एक बार फिर रेल सेवा शुरू की जाये. कई संगठन इस मांग की समर्थन में आ गये हैं. कुछ महीने पहले जब बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति हुसैन मोहम्मद इरशाद दिनहाटा आये थे, तो विभिन्न स्थानीय संगठनों ने उन्हें गितालदह-मुगलहाट रेल लाइन फिर से चालू करने की मांग सौंपी थी.
दिनहाटा महकमा व्यवसायी समिति के सचिव राना गोस्वामी ने कहा कि पुराने रास्ते से रेल परिसेवा शुरू होने से कम समय में यहां के लोग कोलकाता पहुंच जायेंगे. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हल्दीबाड़ी-चिलाहाट मार्ग पर रेल चल सकती है, तो गितालदह-मुगलहाट मार्ग पर यह क्यों नहीं संभव है. दिनाहाटा के तृणमूल विधायक उदयन गुहा भी इस मांग के साथ हैं. उन्होंने कहा कि यदि गितालदह-मुगलहाट मार्ग से ट्रेन चलती है तो स्थानीय लोगों की आर्थिक-सामाजिक उन्नति होगी.
