ढाका. बांग्लादेश में संदिग्ध इसलामिक आतंकियों के ताजा हमले में एक हिंदू पुजारी की मौत हो गयी है. घटना झिनाईगाह जिले की है. 70 वर्षीय आनंद गोपाल गांगुली का शव मंदिर के पास खेत में मिला. उसका सिर धड़ से अलग था. इसके बाद कार्रवाई में पुलिस ने तीन संदिग्धों को मार गिराया. बताया जा रहा है कि पुजारी की हत्या में इन्हीं का हाथ था. पुजारी की हत्या के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया और अलग-अलग जगहों पर छापे मारे. तीनों संदिग्ध गैरकानूनी संगठन जमातुल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश के मेंबर थे.
इनमें से दो ढाका में मारे गये, जबकि, तीसरा मेंबर नॉर्थ-वेस्ट राजशाही सिटी में मारा गया.पुलिस को मुखबिरों के जरिये सूचना मिली थी कि पुजारी की हत्या में इनका हाथ है. मुसलिम बहुल इस देश में अल्पसंख्यकों तथा धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं पर मुसलिम चरमपंथियों के नृशंस हमलों की यह ताजा घटना है और इस साल यह दूसरे पुजारी की हत्या है. सहायक पुलिस अधीक्षक गोपीनाथ कांजीलाल ने बताया कि झिनाईगाह जिले के नोलडांगा गांव में पुजारी आनंद गोपाल गांगुली सुबह करीब साढे नौ बजे मंदिर जा रहे थे कि तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर आये तीन हमलावरों ने धारदार हथियारों से उनका गला काट दिया. कांजीलाल ने कहा कि यह हत्या संदिग्ध आतंकवादियों ने की है.
झिनाईगाह के पुलिस प्रमुख अल्ताफ हुसैन ने कहा, ‘‘प्रतीत होता है कि गांगुली को आतंकवादियों ने मारा क्योंकि जिस तरह गांगुली को मारा गया वह तरीका आतंकवादियों का रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘वह साधारण बुजुर्ग आदमी थे जिन्हें आसपास के ज्यादा लोग नहीं जानते थे.
हमें ऐसा भी कोई संकेत नहीं मिला कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी थी. परिस्थितियों को देखकर इसमें आतंकवादियों का हाथ होने का शक होता है और हमने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है.’
