दार्जिलिंग. विमल दाजू कब बनेगा गोर्खालैंड? यह सवाल दार्जिलिंग जिला हिल तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष राजेन मुखिया ने किया है. दार्जिलिंग जिला हिल तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को शहर के चौक बाजार स्थित सुमेरु मंच में धन्यवाद समारोह का आयोजन किया. इसमें दार्जिलिंग विधानसभा सीट से तृणमूल उम्मीदवार शारदा राई सुब्बा, तृणमूल कांग्र्रेस द्वारा मनोनीत जीटीए सभासद मिलन डुक्पा, राजेन मुखिया, महासचिव एनवी खवास आदि विशेष रूप में उपस्थित थे.
समारोह के दौरान अपने संबोधन में श्री मुखिया ने मोरचा प्रमुख विमल गुरूंग पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विमल दाजू 2009 के लोकसभा चुनाव में जसवंत सिंह को हेवीवेट नेता बताकर दिल्ली से उठा लाये थे. कहा गया कि जसवंत सिंह गोरखालैंड बनवायेंगे. नतीजा यह हुआ कि गोरखालैंड के लिए पहाड़ की जनता ने जसवंत सिंह को भारी मतों से विजयी बनाकर सांसद भेज दिया. लेकिन फिर भी गोरखालैंड नहीं बना.
इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में सुरेन्द्र सिंह अहलुवालिया को लेकर आये और इस बार भी गोरखालैंड की ही बात कही. पहाड़ की जनता ने गोरखालैंड की खातिर अहलुवालिया को जिता दिया. पर नतीजा कुछ नहीं दिख रहा.
श्री मुखिया ने कहा कि इस बार के बंगाल विधानसभा चुनाव में भी गोजमुमो ने गोरखालैंड के नाम पर पहाड़ की तीनों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की है. केंद्र में भाजपा की बहुमत की सरकार है और दार्जिलिंग में भाजपा का सांसद. उन्हें रोकने- टोकने वाला कोई नहीं है, फिर भी नहीं बन पा रहा गोरखालैंड. विमल दाजू आखिर कब बनेगा गोरखालैंड?
राजेन मुखिया ने यह भी कहा कि पहाड़ की सीटों पर भले तृणमूल कांग्रेस की हार हुई है, परंतु हमारे उम्मीदवारों ने जो मत प्राप्त किये हैं उससे साफ जाहिर होता है कि तृणमूल कांग्रेस पहाड़ पर हारकर भी जीत गयी है. वहीं गोजमुमो जीतकर भी हार गया है. इस सभा को शारदा राई सुब्बा, एन वी खवास आदि ने भी संबोधित किया.
