दहेज : बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए पूरे परिवार ने लिया संकल्प

सिलीगुड़ी. माल थाना अंतर्गत कठामबाड़ी इलाके में एक गृहवधु की हत्या कर फांसी पर लटकाने के मामले में पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर नाकामी का आरोप लगाया है. घटना के करीब एक महीने बाद सिर्फ एक की ही गिरफ्तारी हुयी है. पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए सड़क पर उतरने को तैयार है. पीड़िता के पिता […]

सिलीगुड़ी. माल थाना अंतर्गत कठामबाड़ी इलाके में एक गृहवधु की हत्या कर फांसी पर लटकाने के मामले में पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर नाकामी का आरोप लगाया है. घटना के करीब एक महीने बाद सिर्फ एक की ही गिरफ्तारी हुयी है. पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए सड़क पर उतरने को तैयार है. पीड़िता के पिता ने कहा कि लाखों रूपये दहेज मे देने के बाद भी बेटी की हत्या उसके ससुराल वालों ने कर दी और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है. इलाके के कुछ माकपा नेता भी दोषियों के साथ खड़े हैं. दहेज हत्या का यह मामला अब राजनीतिक रूप लेता दिख रहा है.

इसी महीने की तीन तारीख को माल थाना अंतर्गत कठामबाड़ी इलाका निवासी आलिफ अली की पत्नी शहनाज बानू का शव फांसी से लटकता हुआ बरामद हुआ था. पुलिस ने शहनाज का शव उसके ससुराल के बाथरूम से बरामद किया था. घटना के बाद मृतका के परिवार वालों ने माल थाने में उसके पति आतिफ अली, ससुर अफसर अली सहित कुल दस लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया. पीड़ित परिवार के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद से आज तक पुलिस निष्क्रिय रही है. मृत शहनाज के पति अतिफ अली ने स्वयं थाने में आत्मसमर्पण किया. जबकि अन्य चार लोगों को अग्रिम जमानत मिल गयी. इसके बाद भी अन्य पांच लोगों को गिरफ्तार करने में पुलिस अब तक विफल रही है. मृतका की मां तंजिना खातून और बड़ी बहन साहेदा बेगम का कहना है कि शहनाज के शव पर मारपीट के निशान पाये गये. उसके गले में किसी लोहे का छड़ घुसाने का निशान पाया गया है. पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अब तक परिवार वालों को नहीं दी गयी है. परिवार का दावा है कि शहनाज ने आत्महत्या नहीं की है,बल्कि उसके ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर दी है.बाद में उसे आत्म हत्या दिखाने की कोशिश की गयी है. पुलिस की निष्पक्ष जांच मामले का खुलासा अवश्य करेगी.

उल्लेखनीय है कि भक्तिनगर थाना अंतर्गत बलराम इलाका निवासी मुहम्मद मुशरफ हुसैन ने वर्ष 2012 में अपनी बेटी शहनाज की निकाह माल थाना अंतर्गत कठामबाड़ी इलाका निवासी अफसर अली के बेटे आतिफ अली से किया था. मुशरफ हुसैन हुसैन एक अवकाशप्राप्त सैनिक हैं. उन्होंने बताया कि शादी में उन्होंने दहेज के तौर पर आतिफ अली को एक नैनो कार, 12 भरी सोने के गहने, फर्नीचर के अलावा लाखों रूपये भी दिये थे.

निकाह के कुछ वर्षों बाद से ही उसके ससुराल वालों ने शहनाज को सताना शुरू कर दिया था. निकाह के दो वर्ष बाद आतिफ ने दस लाख से अधिक की लक्जरी कार की मांग की.इस मांग को नहीं मानकर ससुराल वालों को समझाया गया. बाद आतिफ ने 15 लाख से अधिक की एक लक्जरी कार की मांग रख दी. पानी सर के उपर से गुजरने के दौरान कई बार दोनों ग्राम पंचायत के बीच मसला हल करने की कोशिश की गयी. उनके अनुसार तीन बार सालिसी सभा भी बुलायी गयी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. गत दो मई को शहनाज ने अपने पिता को फोनकर अपने उपर हो रहे अत्याचार की जानकारी एक बार फिर से दी. हाथों हाथ उसका भाई मुहम्मद तोहिदार आलम उसे लेने पहुंचा. ससुराल पक्ष ने शहनाज को विदा करने से साफ इनकार कर दिया. अगली सुबह तीन मई को खबर मिली कि शहनाज ने आत्महत्या कर ली है. बड़ी बहन साहेदा बेगम ने बताया कि दो मई को शहनाज ने उसे फोन पर कहा था उसके ससुराल वाले उसकी हत्या करने की साजिश रच चुके हैं. उसके ससुराल पहुंचने पर शहनाज का शव बाथरूम में लटकता हुआ पाया गया.


उन्होंने कहा कि बाथरूम की उचांई पांच से छह फूट होगी. इतनी कम उचांई में फांसी लगाना संभव नहीं है. बेटी के ससुराल पक्ष पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गयी है. पूरू परिवार ने देश की न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए दोषियों को उचित सजा देने की मांग की है.

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