सच्चे मन से दुआ करने पर बरसती है कृपाः मौलाना नजीर आलम

सिलीगुड़ी. बफैजे करम-हजरत सैय्यद शाह दाता अब्दुल अलीमुद्दीन उर्फ अब्दुल कुद्दुस मलंग शाह बाबा के आस्ताना दरगाह में सच्चे मन से दुआ करने पर बाबा की कृपा बरसती है. वह चाहे हिंदु हो या मुस्लिम, सिख हो या फिर इसाई. बाबा के दरबार में उंच-नीच, जात-पात का कोई स्थान नहीं है. बाबा के नजर में […]

सिलीगुड़ी. बफैजे करम-हजरत सैय्यद शाह दाता अब्दुल अलीमुद्दीन उर्फ अब्दुल कुद्दुस मलंग शाह बाबा के आस्ताना दरगाह में सच्चे मन से दुआ करने पर बाबा की कृपा बरसती है. वह चाहे हिंदु हो या मुस्लिम, सिख हो या फिर इसाई. बाबा के दरबार में उंच-नीच, जात-पात का कोई स्थान नहीं है.

बाबा के नजर में सभी अल्लाह के नेक बंदे हैं. यह कहना है हुजुर सुफी शमीम शाह मलंग खलीफा सरकार कमर रजा बरेलवी के खादिम-ए-खास हजरत उल्लामा व मौलाना नजीर आलम साहब का. वह सोमवार को स्थानीय बर्दवान रोड के झंकार मोड़ के नजदीक स्थित मलंग शाह बाबा के दरगाह शरीफ में आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान मीडिया को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बाबा की याद में प्रत्येक वर्ष एक और दो जून को दरगार शरीफ में उर्स मेला का आयोजन किया जाता है. इस बार दो दिवसीय इस मेला का 32वां साल है. उर्स मेला का यह दो दिन बाबा के इतिहास की 166 साल पुरानी गाथा कहती है और उनके अनुयायियों के लिए यह दो दिन खास महत्त्व रखता है.

उन्होंने बताया कि उर्स मेले के दौरान केवल सिलीगुड़ी या उत्तर बंगाल से ही नहीं, बल्कि दूर-दूर से बाबा के अनुयायी आते हैं और दरबार में मत्था टेक कर मन्नतें करते हैं. मेला के सफल आयोजन के लिए मलंग शाह बाबा उर्स दरगाह कमेटी के सभी सदस्यों व बाबा के अनुयायियों द्वारा बीते कई रोज से ही जी-तोड़ मेहनत की जा रही है. कमेटी के अध्यक्ष खोकन भट्टाचार्य ने बताया कि दो दिवसीय इस मेला को लेकर पूरे दरगाह शरीफ को दुल्हन की तरह सुसज्जित किया जा रहा है. साथ ही अलौकिक प्रकाश सज्जा से चकाचौंध किया जा रहा है. सचिव ईद मोहम्मद उर्फ लाल ने कहा कि एक जून यानी बुधवार को नमाज इशा के बाद जलसा-ए-यादगारे औलिया कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जायेगा. इस कॉन्फ्रेंस में केवल उत्तर बंगाल ही नहीं, बल्कि भारत एवं नेपाल के नामचीन सूफी, मौलाना, उलेमाओं का जमघट लगेगा, जो धर्म की बातें करेंगे. इस दौरान भागलपुर से पीर साहब मौलाना सैय्यद मसरूर राजी साहब बतौत अतिथि मौजूद रहेंगे. वहीं, नेपाल के मौलाना सफिकुल्ला नुरी चतुर्वेदी वेदों की महत्ता पर कई भाषाओं में बखान करेंगे.

कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद फरीद ‘लाल भाई’ ने बताया कि मेला के दूसरे दिन यानी दो जून (गुरूवार) को कव्वालों-शायरों की महफिल सजेगी. इस महफिल में नामी कव्वाली कलाकार पटना के मुमताज मंसुरी व भागलपुर के इमरान नशिरी अपनी पूरी टीम के साथ जहां चार चांद लगायेंगे वहीं, देश के नामी शायर कोलकाता के अशद इकबाल पूरे माहौल को शायराना बनायेंगे. मेले को सफल बनाने के लिए महेंदी हुसैन उर्फ मेठिया, मोहम्मद अजहर उर्फ राजू, इकलाख खान, मकसूद खान, मेहबूब अशरफ खान, मोहम्मद कलीम व अन्य सभी सदस्यों को कमेटी की ओर से अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

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