कौन बनेगा उत्तर बंगाल विकास मंत्री ?

सिलीगुड़ी: राज्य विधानसभा चुनाव में तृणमूल ने फिर से अपना परचम लहरा दिया है. मंत्रिमंडल गठन की तैयारी जोरो पर है. पार्टी के कई दिग्गज नेता मंत्री बनना चाहते हैं. जबकि सबकुछ तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी पर निर्भर है. इधर, उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय की कुरसी को लेकर संशय बना हुआ है. ... सवाल है […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 24, 2016 2:03 AM
सिलीगुड़ी: राज्य विधानसभा चुनाव में तृणमूल ने फिर से अपना परचम लहरा दिया है. मंत्रिमंडल गठन की तैयारी जोरो पर है. पार्टी के कई दिग्गज नेता मंत्री बनना चाहते हैं. जबकि सबकुछ तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी पर निर्भर है. इधर, उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय की कुरसी को लेकर संशय बना हुआ है.

सवाल है कि क्या गौतम देव को दीदी फिर से यह मौका देंगी. इस मंत्रालय को पाने की रेस में उत्तर बंगाल के कई निर्वाचित विधायक शामिल है. विश्वस्त पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तृणमूल सुप्रीमो सूचना और संस्कृति विभाग के साथ ही पहाड़ मामलों का मंत्रालय गौतम देव को देना चाहती हैं. उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय के लिये उदयन गुहा के नाम की चरचा है.


ममता बनर्जी फिर से एक बार राज्य की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी. शपथ ग्रहण समारोह की तैयारिया जोरों पर है. इस समारोह में बड़ी हस्तियों के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है. विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद ममता बनर्जी इस बार मंत्रिमंडल में भारी फेरबदल करने वाली हैं. ममता बनर्जी ने लगभग मंत्रिमंडल तैयार कर लिया है. बस अधिकारिक रूप से घोषणा होना बाकी है. उत्तर बंगाल विकास मंत्री के रूप में उदयन गुहा का नाम सबसे आगे चल रहा है. इसके अतिरिक्त सौरभ चक्रवर्ती भी इसके दावेदार हैं.

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से पहले गौतम और दीदी के रिश्ते को देखकर ऐसा लगता नहीं कि उत्तर बंगाल की जिम्मेदारी गौतम के कंधो पर सौपेंगी. विस चुनाव के कुछ ही दिन पहले गौतम देव को दार्जिलिंग जिला अध्यक्ष पद से हटाकर जिला सलाहकार कमिटी का अध्यक्ष बनाया गया. हांलाकि गौतम देव की दावेदारी इसलिये कम दिख रही है कि पार्टी को दार्जिलिंग जिले में एक भी सीट पर जीत नही हो पायी है .

सौरभ चक्रवर्ती की बात की जाये तो वे जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिले के पार्टी अध्यक्ष के पद पर आसीन है. विस चुनाव को दोनों जिलों में पार्टी ने शानदार सफलता हासिल की है. इधर, उदयन गुहा के नेतृत्व में तृणमूल ने कूचबिहार में परचम लहरा दिया है. गौतम देव के पक्ष में एक बात यह है कि उनके समय में पूरे उत्तर बंगाल में विकास कार्य हुआ है. इस आधार पर इन्हें मंत्री पद सौंपा जा सकता है. खैर आगामी दिनो में यह समीकरण भी साफ हो जाएगा. चुनाव परिणाम से पहले इस रेस में मालदा के कृष्णेंदु नारायण चौधरी और सावित्री मित्रा का नाम भी शामिल था. लेकिन तृणमूल के ये दोनों मंत्री इस बार चुनाव हार गये हैं.