सिलीगुड़ी : देश-दुनिया के साथ ही सिलीगुड़ी में भी शनिवार को बुद्ध जयंती हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी. शहर व आस-पास के क्षेत्रों के विभिन्न गुंफाओं में आज दिनभर विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुआ. साथ ही बुद्धं-शरणं-गच्छामी… मंत्र से पूरा शहर गुंजायमान रहा.
दिनभर गुंफाओं में अनुयायियों का तांता लगा रहा. शहर से सटे सालुगाड़ा स्थित कालचक्र फोडांग, सालबाड़ी स्थित त्रिरत्नं मोनेस्टरी, ज्यांगछुप छोलिंग मोनेस्टरी, ताशी गोमांग स्तुप व अन्य गुंफाओं को दुल्हन की तरह सुसज्जित किया गया. सालबाड़ी के त्रिरत्न मोनेस्टरी से एक रंगारंग शोभायात्रा निकाली गयी. शोभायात्रा में पारंपरिक वेश-भूषा से सुसज्जित अनुयायी अपने धार्मिक ग्रंथ ‘त्रिपिटक’ को सिर पर रखकर शामिल हुए और भगवान बुद्ध का ‘शांति-सत्य-अहिंसा-प्रेम’ का पैगाम जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया.
इस अवसर पर नाट्य कर्मियों द्वारा मोनेस्टरी परिसर में बुद्ध के जीवन की विभिन्न गाथाओं का नाट्य मंचन किया गया. वहीं, ज्यांगछुप छोलिंग मोनेस्टरी में अनुयायियों ने घी के दीये जलाकर भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना की और अपने जीवन को प्रकाशमय करने की कामना की. शहर के तीन नंबर वार्ड के गुरूंग नगर के गुंफा में सिलीगुड़ी बुद्धिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान धर्मगुरू ने अनुयायियों को वांग (आशीर्वाद) दिया.
