मतगणना बीच में ही छोड़ कर निकले बाइचुंग

पूरे राज्य में तृणमूल की जीत पर जतायी खुशी कहा, सिलीगुड़ी का विकास नहीं होगा प्रभावित अपनी पार्टी के किसी नेताओं से कोई शिकायत नहीं सिलीगुड़ी. विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना शुरू होने से पहले जिस जोश में सिलीगुड़ी सीट से चुनाव लड़ रहे तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार बाइचुंग भुटिया दिख रहे थे, वह जोश समय […]

पूरे राज्य में तृणमूल की जीत पर जतायी खुशी
कहा, सिलीगुड़ी का विकास नहीं होगा प्रभावित
अपनी पार्टी के किसी नेताओं से कोई शिकायत नहीं
सिलीगुड़ी. विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना शुरू होने से पहले जिस जोश में सिलीगुड़ी सीट से चुनाव लड़ रहे तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार बाइचुंग भुटिया दिख रहे थे, वह जोश समय बीतने के साथ-साथ खत्म होते गया. आखिरकार दिन के करीब बारह बजे बाइचुंग भुटिया मतगणना कक्ष से बाहर निकल गये. तब तक बारह राउंड गिनती हो चुकी थी. उसके बाद बस आठ ही राउंड बचे थे और उनके निकटतम प्रतिद्वंदी माकपा के अशोक भट्टाचार्य ने बड़ी बढ़त बना ली थी. जिस समय बाइचुंग भुटिया मतगणना कक्ष से बाहर निकले उस समय अशोक भट्टाचार्य 54 हजार 628 वोट लेकर सबसे आगे चल रहे थे. बाइचुंग भुटिया करीब दस हजार से भी अधिक वोटों से उनसे पीछे चल रहे थे.
बारहवें राउंड की गणना के बाद बाइचुंग भुटिया 43 हजार 796 वोट लेने में सफल रहे थे. तीसरे स्थान पर भाजपा की गीता चटर्जी थी. दस हजार से भी अधिक वोटों से पिछड़ने के बाद बाइचुंग भुटिया को अपने हार का एहसास हो गया था. यही वजह है कि बारहवें राउंड की गणना खत्म होते ही वह सिलीगुड़ी कॉलेज परिसर में बने मतगणना केन्द्र से बाहर निकल गये. सुबह आठ बजे पूरे राज्य के साथ ही सिलीगुड़ी में भी मतगणना की शुरूआत हुई. मतगणना से पहले बाइचुंग भुटिया को अपनी जीत का भरोसा था. लेकिन पहले ही राउंड से जब वह पिछड़ने लगे, तो अंत तक पिछड़ते रहे. पहली ही राउंड में अशोक भट्टाचार्य ने उन पर 1373 वोट की बढ़त बना ली थी. दूसरे राउंड में यह बढ़त 2970 की हो गई.
तीसरे, चौथे और आने वाले सभी राउंड में अशोक भट्टाचार्य बढ़त बनाते रहे. तीसरे राउंड में अशोक भट्टाचार्य की बढ़त 4576 वोटों की हो गई. चौथे राउंड में 6152 तथा पांचवें राउंड में यह बढ़त सात हजार 69 वोटों की हो गई. हालांकि छठे राउंड में बाइचुंग भुटिया के मतों में वृद्धि हुई और अशोक भट्टाचार्य की बढ़त 7069 वोट से कम होकर 6987 वोट रह गई. सातवें राउंड से अशोक भट्टाचार्य लगातार बढ़त बनाते रहे. एक-पर-एक राउंड में अशोक भट्टाचार्य को बढ़त बनाते देख बाइचुंग भुटिया तथा उनके समर्थकों में मायूसी छाने लगी. बारहवें राउंड के बाद आखिरकार बाइचुंग भुटिया का धीरज जवाब दे गया और वह मतगणना केन्द्र से बाहर निकल गये.
इस दौरान संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने पूरे राज्य में तृणमूल की जीत पर खुशी जाहिर की. श्री भुटिया ने कहा कि एक बार फिर से राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल सरकार का गठन हो रहा है. ऐसे में यदि सिलीगुड़ी से भी तृणमूल की ही जीत होती तो काफी अच्छा होता. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह भले ही सिलीगुड़ी से चुनाव हार गये हों, लेकिन इस शहर के विकास पर कोई असर नहीं पड़ेगा. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सिलीगुड़ी का उसी तरह से विकास करेंगी जिस तरह से वह अब तक करती आयी हैं.
उन्होंने अपनी हार के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया. श्री भुटिया ने कहा कि किसी से भी उनकी कोई शिकायत नहीं है.यहां उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी से बाइचुंग भुटिया को उम्मीदवार बनाये जाने से तृणमूल कांग्रेस के कई नेता नाराज थे. यही वजह थी कि स्थानीय तृणमूल नेता बाइचुंग भुटिया के लिए अधिक चुनाव प्रचार भी नहीं कर रहे थे. बाइचुंग भुटिया द्वारा इस मामले की शिकायत ममता बनर्जी से करने की धमकी के बाद कुछ नेता उनके चुनाव प्रचार के लिए निकलने लगे.

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