जलपाईगुड़ी: मंगलवार रातभर बारिश होने की वजह से तीस्ता बैराज पानी से लबालब भर गया है. इस दबाव को कम करने के लिए बुधवार को बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया. पानी छोड़े जाने की वजह से डुआर्स के कई गांव जलमग्न हो गये हैं. जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी ब्लॉक के अधीन बासुसुबा, चापाडांगा, बर्मनपाड़ा, दोमोहानी तथा चापरपाड़ गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं. इस बाढ़ की वजह से कई घरों को नुकसान पहुंचा है और 600 परिवारों के करीब 1000 से अधिक लोग बेघर हो गये हैं. इनलोगों ने दूसरे स्थान पर शरण ली है.
यहां उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से यह इलाका बाढ़ से प्रभावित हो रहा है. स्थानीय लोगों ने बांध निर्माण की मांग को लेकर कई बार आंदोलन किया, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ है. बरसात के समय बाढ़ की वजह से इन इलाकों के लोग हर साल ही बेघर हो जाते हैं. बांध पर ही इन लोगों को आश्रय लेना पड़ता है.
बुधवार को आयी बाढ़ में अपने घर गंवानेवाले नरेन मंडल, ज्योत्सना विश्वास आदि ने बताया कि कभी भी सरकार की ओर से कोई मदद नहीं की जाती है. इधर, उत्तर बंगाल बाढ़ नियंत्रण आयोग के अधीक्षण अभियंता शुभंकर चक्रवर्ती ने बताया है कि पिछले वर्ष राज्य के सिंचाई मंत्री राजीव बनर्जी ने बाढ़ नियंत्रण के लिए 12 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी. वह बांध मरम्मत का शिलान्यास भी कर गये थे. काम की शुरुआत भी हो गयी थी, लेकिन इसी बीच चुनावी घोषणा होने से आचार संहिता के कारण काम को पूरा करना संभव नहीं हो सका है. चुनाव आयोग से इस मामले में थोड़ी ढील बरतने की अपील की गयी थी.
इसके बाद चुनाव आयोग ने थोड़ी देरी से बांध मरम्मत का काम शुरू करने की मंजूरी दी. इस बीच बारिश की भी शुरुआत हो गयी. बारिश होने से काम को बीच में ही रोक देना पड़ा है. दूसरी तरफ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले एक दिन में तीस्ता बैराज से कई बार पानी छोड़ा गया है. पहले 986 क्यूसेक एवं बाद में 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसीलिए निचले इलाके में बाढ़ आ गयी. एनएचपीसी की ओर से तीस्ता बैराज की साफ-सफाई की जा रही है इसी वजह से अचानक पानी छोड़ने निर्णय लिया गया.
